फतेहपुर। शहर के प्राचीन तालाब लगातार अतिक्रमण और भराई का शिकार हो रहे हैं। इस पर नियंत्रण के लिए एक समाजसेवी संस्था ने एनजीटी में वाद दायर किया है। इसकी सुनवाई तीन फरवरी को निर्धारित है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मामले में पक्षकार है और बृहस्पतिवार को इसके कुछ सदस्य नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने तालाबों की स्थिति का जायजा लेने के लिए ईओ रवींद्र कुमार से अभिलेख मांगे और स्थलीय निरीक्षण भी किया।
प्रशासन की अनदेखी के कारण कई तालाबों पर मिट्टी और कचरा डालकर उन्हें पाटने का काम हो रहा है। पत्थरकटा चौराहा के समीप स्थित एक स्कूल के पास के तालाब में कुछ समय पहले ऐसी भराई हुई थी। इसके अलावा शहर के करीब पांच अन्य तालाबों पर भी अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं। समाजसेवी और जागरूक नागरिक प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
एनजीटी में वाद दायर होने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हस्तक्षेप के बाद अतिक्रमणकारियों में भय व्याप्त है। उन्हें सुनवाई के बाद संभावित कार्रवाई का डर सता रहा है। इससे कई ने तालाबों पर अपने कब्जों पर नजर रखने की स्थिति में सतर्कता बढ़ा दी है।