पट्टेधारकों को चेतावनी के बाद चल रहे ओवरलोडिंग के खेल पर पुलिस को लगाम लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
ओवरलोडिंग के मुद्दे को लेकर अमर उजाला ने तीन नवंबर के अंक में बेखौफ खदान संचालक चेतावनी को दिखा रहे ठेंगा शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई, जिसके बाद पुलिस विभाग अपना दामन बचाने के लिए हरकत में आया है। खदानों से परिवहन में ओवरलोड ट्रकों का थानों और चौकियों के सामने से होता है।
खागा तहसील में किशनपुर थाना क्षेत्र की मझिगवां, खखरेरू के रानीपुर-2 और धाता की सलेमपुर मौरंग खदान शुरू हुई हैं। अन्य खदानों में कुछ दिन बाद ही खनन और मौरंग परिवहन का काम शुरू होगा। एसडीएम, खनन अधिकारी, सीओ ने शनिवार को खदान संचालकों को मानक के अनुरुप खनन और परिवहन के आदेश दिए थे। निगरानी के लिए कैमरों का इंतजाम और टास्क फोर्स भी गठित की गई है।
उसके बाद भी सड़कों पर सोमवार को ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर देखे गए थे। खदान संचालकों का प्रशासन का कोई असर नहीं दिखा। ओवरलोडिंग की खबर प्रकाशित होने के बाद एसपी प्रशांत वर्मा ने खागा सीओ अंशुमान मिश्रा से पूछताछ की। उसके बाद आदेश जारी हुआ। सीओ ने इस मार्ग के खागा, खखरेरू, धाता, किशनपुर थानेदारों को पत्राचार किया। पत्र में स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग को रोका जाए।
ओवरलोड ट्रकों को रोकने के बाद फौरन राजस्व अधिकारियों,खनन अधिकारी और एआरटीओ को सूचना दी जाए। उनके आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। सीओ ने बताया कि पुलिस ओवरलोड ट्रकों को रोक सकती है। उनसे वसूली नहीं कर सकती है। पुलिस को संबंधित विभागों को सूचना देने का आदेश दिया गया है। आदेश थानेदारों के अलावा संबधित विभागों को भी सूचना के तौर पर भेजा गया है।