भिटौरा ब्लाक क्षेत्र के डाल्फिन मछली पाए जाने वाले प्रवाह क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को 10 शिकारी पकड़े। सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। मछलियों से भरी रायबरेली की एक पिकप भी पकड़ी गई है।
ब्लॉक क्षेत्र के खुसरूपुर से गंगा पुल असनी तक कुछ माह पहले सर्वे हुआ था। इसमें 14 डॉल्फिन होने की पुष्टि हुई थी। इनके बचाव के सख्त निर्देश उच्चाधिकारियों ने जारी किए थे। इस क्षेत्र को आखेट के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके बावजूद आखेट होने से डॉल्फिन के बच्चे शिकारियों के जाल में फंसकर मर जाते हैं।
ओमघाट के स्वामी विज्ञानानंद ने एक माह पहले जालों की खोज कराई। दो जाल में डॉल्फिन के बच्चे मरे मिले। उन्होंने फोटो समेत रिपोर्ट लखनऊ भेजी थी। इस पर मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश मिले हैं।
क्षेत्रीय वन दरोगा शिवचरण वर्मा और असनी चौकी इंचार्ज प्रभुनाथ यादव ने गुरुवार को टांडा गांव किनारे शिकारियों की तलाश में छापामारी की।
वहां से कानपुर. महाराजपुर थाना कटरी गौशाला के पप्पू निषाद, रायबरेली के ऊंचाहार निवासी रिजवान, रायबरेली लालगंज त्रिवेणी का पुरवा निवासी राजबहादुर, लालगंज थाना क्षेत्र के हसनापुर निवासी अवधेश, चकपिहानी हुसैनगंज के मुकेश, राजेश निषाद तथा हुसैनगंज आधारपुर निवासी सर्वेश को गिरफ्तार किया।
कौशांबी थाना सैनी अफजलपुर निवासी रमाशंकर निषाद, चकपिहानी निवासी दुर्गा प्रसाद उर्फ पुत्तू फरार हो गए। कार्यवाहक एसओ इजहार अहमद ने बताया कि तीन क्विंटल शिकार की गई मछली, पांच नाव, पिकप, जाल बरामद हुआ है। वन्य जीव अधिनियम, चोरी और बरामदगी की आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।