शासनादेश के मुताबिक ढाई सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब
ने नया टेंडर न होने से खफा सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण शहर में
गंदगी के ढेर लग गए हैं। पालिका प्रशासन भी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा
है।
बोर्ड बैठक में सफाई कर्मियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी के
प्रस्ताव पास होने के बाद प्रक्रिया न होने से सफाईकर्मी शुक्रवार से
हड़ताल पर चले गए। पालिका में वैसे ही सफाई कर्मियों की कमी है। ऐसे में सौ
कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।
हालांकि
इस मुद्दे पर बात करने के लिए नेता विरोधी दल अध्यक्ष एवं सभासद विनय
तिवारी, सादाब अहमद, धीरज वाल्मीकि के साथ पालिका पहुंचे लेकिन अधिशासी
अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। इस पर सभासदों को लौटना पड़ा। अधिशासी
अधिकारी के कार्यालय में न होने से कर्मचारियों की भी मनमानी रही।
दोपहर
में टैक्स कार्यालय, निर्माण, प्रकाश और जलकल कार्यालय में कर्मचारियों
गायब मिले। सफाई कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से शहर में गंदगी है।
नगरीय
विकास समिति अध्यक्ष एवं सिविल लाइन सभासद विनय तिवारी ने बताया कि जब तक
सफाई कर्मियों को उनका हक नहीं मिलता विरोध जारी रहेगा। जल्द ही पालिका में
धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।