फतेहपुर। हार्वेस्टर (धान काटने की मशीन) संचालकों को धान की फसल काटने के बाद अब खेत में पड़े अवशेष को सुरक्षित कराने की जिम्मेदारी होगी। हार्वेस्टर से फसल काटने के बाद अवशेष जलाने पर किसान और हार्वेस्टर संचालक पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
खरीफ के सीजन में फसलों के जलाने से बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए धान को काटने के बाद कृषियंत्र स्ट्रारीपर, स्ट्रारैक, बेलर मल्चर और पैडी स्ट्राचॉपर खेत में चलाना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदारी खेत मालिक के साथ हार्वेस्टर संचालक की होगी। खेतों में फसल के अवशेष मिलने पर किसान और हार्वेस्टर संचालक के खिलाफ प्रशासन एफआईआर करेगा। डीएम संजीव सिंह ने बताया कि स्ट्रारीपर, स्ट्रारैक, बेलर मल्चर और पैडी स्ट्राचॉपर कृषियंत्र से खेत में पड़े अवशेष (पराली) को सुरक्षित किया जा सकता है। जिन किसानों को धान काटने के बाद तुरंत रबी फसल की बुआई करनी है। उन किसानों को जीरो टिल सीडड्रिल, हैप्पी सीडर और सुपर सीडर कृषियंत्र चलाने के बाद बुआई करा सकते हैं। इसके लिए जिले के तीनों तहसील के एसडीएम को निर्देश जारी किए गए हैं।