बिंदकी में लगे लंबे जाम पर फंसे सैकड़ों वाहन।
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प्रशासन महज 400 मीटर जमीन का समझौता किसानों ने नहीं करा पा रहा है। इसका खामियाजा जनता भुगत रही है। आए दिन जाम से लोग ऊब गए हैं। मंगलवार को पूरे पांच घंटे जाम रहा। वाहन काफी देर फंसे और रेंगते नजर आए। इस दौरान एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लोगों की नोकझोंक भी हुई। पुलिस जाम खुलवाने में कई घंटे असहाय नजर आई।
बिंदकी बाईपास का निर्माण न होने से बिंदकी में आए दिन लगने वाले जाम की समस्या नासूर बन गई है। सरकार का सात करोड़ रुपया पानी में बहाने के बाद पांच वर्षों में बिंदकी का बाईपास चालू नहीं हो सका है। पांच वर्षों से बाईपास का 400 मीटर रुका निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया।
जाम से निजात के लिए ही शासन ने बाईपास के लिए आठ करोड़ 50 लाख रुपये मंजूर किया। 2011 में शुरू हुए चार किलोमीटर बाईपास के निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। 400 मीटर कार्य पांच वर्षों में पूरा नहीं कराया गया। 2013 में इसका लोकार्पण होना था।
मंगलवार को बांदा- सागर व मुगल रोड हाईवे में चार किलोमीटर लंबे जाम पर सैकड़ों वाहन व हजारों लोग फंसे रहे। उमस भरी गर्मी में प्यास से तड़पते यात्रियों, छात्र-छात्राओं, राहगीरों को पानी नसीब नहीं हो सका। सीरियस मरीज को बांदा से कानपुर ले जा रही एबुंलेंस फंसी रही। जाम में फंसे वाहनाें को निकलवाने के लिए पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल राजेश सिंह का पसीना छूट गया।
जाम में फंसे लोगों ने कहा कि प्रशासन को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आगे आना चाहिए। बाईपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। एसडीएम जेएन सचान का कहना है कि बाईपास निर्माण में 400 मीटर निर्माण की बाधा है। बहुत प्रयास हुआ, लेकिन कोई सार्थक हल नहीं निकल पा रहा है। बिना बाईपास बने जाम से निजात संभव नहीं दिखता।