फतेहपुर। कोरोना की बूस्टर डोज लगवाने को लेकर लोगों की रुचि नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बावजूद लोग वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं। यही कारण है एक महीने से अधिक समय से जिले में 13 हजार से अधिक कोरोना की बूस्टर वैक्सीन की डोज डंप हैं। जिला अस्पताल समेत सभी पीएचसी और सीएचसी में वैक्सीन का स्टॉक है।
स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में सिंतबर 2022 के अंत में वैक्सीन समाप्त हो गई थी। इसके बाद 18 जनवरी को लखनऊ से 13 हजार 700 डोज वैक्सीन की आपूर्ति मिली। अस्पतालों में अधिकांश दिनों की स्थिति यह है एक भी व्यक्ति वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाने नहीं पहुंच रहा है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार सुस्त पडने से लोग भी बेफ्रिक हो गए हैं। नोडल डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेश चंद्र ने कहा कि सभी लोग बूस्टर डोज सरकारी अस्पताल पहुंचकर लगवा लें, क्योंकि इसके बाद मुफ्त में वैक्सीन लगने की व्यवस्था की उम्मीद न के बराबर है। जिले के सभी सरकारी अस्पताल में वैक्सीन की स्टॉक है। सभी लोग नजदीकी अस्पताल पहुंचकर अनिवार्य रूप से बूस्टर डोज लगवाएं।
वैक्सीनेशन के आंकड़े:-
- 15 लाख 97 हजार लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य।
- 5 लाख 64 हजार को अब तक लग चुकी है बूस्टर डोज।
- 10 लाख 35 हजार लोगों को अभी लगनी है डोज।
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