फतेहपुर। सीएमएस की जगह उनका कामकाज देखने का दावा करने वाले चपरासी को निलंबित कर दिया गया। सीएमसएस की ओर शुक्रवार को गलत आचरण के चलते निलंबित किए जाने का पत्र जारी किया गया है।
दो दिन पूर्व जिला अस्पताल में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के सामने चपरासी प्रमोद कुमार ने खुद को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक(सीएमएस) का पीए बताया था। इस पर मंत्री ने चपरासी को निलंबित कर एफआईआर के आदेश दिए थे। हालांकि पुलिस ने सिर्फ शांतिभंग के चालान में मामला निपटा दिया। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पीके सिंह ने तत्काल प्रभाव से प्रमोद कुमार को निलंबित किया है।
मामले की जांच के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इश्तियाक अहमद को सौंपी गई है। चर्चा है कि वह सीएमएस का खास बना रहा है। उसका जिला अस्पताल में हर स्तर पर हस्तक्षेप रहता था। कभी-कभी तो सीएमएस कार्यालय में कुर्सी डालकर लोगों की शिकायत सुनता है। सीएमओ डॉ. आरएन गिरी ने बताया कि मंत्री के सामने झूठ बोलने पर चपरासी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।