महोत्सव के पहले उखाड़े गए खड़ंजे को दिखाते अध्यक्ष
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बिंदकी कस्बे के प्राचीन मां ज्वाला देवी मंदिर में होने वाले पांच दिवसीय वार्षिकोत्सव के पहले पालिका प्रशासन ने मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग का खड़ंजा उखाड़ डाला। इससे कमेटी के लोगों व भक्तों में नाराजगी है। मेले के पहले इस वर्ष सफाई व्यवस्था के नाम पर भी खानापूरी करने का आरोप लगाया जा रहा है।
पुरानी बिंदकी स्थित प्राचीन ज्वाला मां मंदिर में कोलकाता सहित कई प्रांताें के लोग आते हैं। लाखों रुपये खर्च कर कई दशकों से इस मंदिर की भव्य सजावट के अलावा एक किलोमीटर तक तोरण द्वार बनाकर रोशनी सहित अत्याधुनिक सजावट की जाती है।
प्रतिवर्ष वार्षिकोत्सव में होने वाले मेले व अन्य आयोजनों पर लाखों लोगों के आने-जाने के लिए तांता लगा रहता है। कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह चंदेल उर्फ बबलू, अजय उर्फ भोला दीक्षित, मान सिंह, प्रदीप सिंह, भरत सिंह, हरिओम, शिवकरन सिह चौहान, विमल शर्मा, केशव उर्फ डल्ली पांडेय, सभासद ब्रजेश कुमार जग्गा, शिव प्रकाश सिंह, मंदिर के पुजारी कृष्ण पाल सैनी, राजन पांडेय आदि ने पालिका प्रशासन पर आक्रोश व्यक्त कर कहा कि मेला 30 मार्च से शुरू होने को है।
कमेटी के लोगों ने कहा कि चेयरमैन नीलम सोनी से उखाड़े गए खड़ंजे का निर्माण कार्य पूरा कराने को कहा गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं कराया गया। जिससे मंदिर के मुख्य मार्ग से आने जाने वाले हजारों भक्तों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। एसडीएम जेएन सचान का कहना है कि मामला अब संज्ञान में आया है। ईओ से वार्ता करके मेले के पहले समस्याओं का समाधान कराने के लिए कहा जाएगा।