फतेहपुर। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट भले ही साल भर पहले स्थापित हो गई हो, लेकिन इसका लाभ आसानी से हर जरूरतमंद को नहीं मिल पा रहा है। 12 से अधिक की मरीजों की वेटिंग चल रही है, जो नंबर लगाने के बाद अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में फरवरी 2022 को पांच बेड की निशुल्क डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हुई। इसमें किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मुहैया कराई गई, लेकिन बेड कम और मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण प्रतीक्षा सूची बढ़ गई है। ऐसे में जरूरतमंदों को समय पर सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समय डायलिसिस कराने के 12 मरीज लाइन में लगे हैं।
निजी अस्पतालों में डायलिसिस की महंगी सेवा से मरीजों को राहत दिलाने के लिए जिला अस्पताल में यूनिट स्थापित की गई। इसमें एक साथ पांच मरीजों की डायलिसिस करने की सुविधा है। प्रयागराज की एक संस्था इसका संचालन कर रही है। एक मरीज की डायलिसिस में साढ़े तीन से चार घंटे का समय लगता है।
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जिला अस्पताल में पांच बेड की डायलिसिस यूनिट स्थापित है। इसे बढ़ाकर 15 बेड की यूनिट करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अस्पताल परिसर में नया भवन 80 फीसदी बनकर तैयार हो गया है। नए भवन में यूनिट शुरू होने में अभी करीब छह माह का समय लगेगा, लेकिन पांच नई यूनिट जल्द ही चालू होने की उम्मीद है। तीमारदारों का कहना है कि बहुत ज्यादा परेशानी होती है। तकलीफ ऐसी है कि बहुत ज्यादा इंतजार नहीं किया जा सकता। प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस कराने पर रुपये ज्यादा खर्च होता है।
जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट से अब तक 570 मरीजों को लाभ मिल चुका है। सभी मरीज ऐसे हैं, जिनकी कुछ दिनों के अंतराल पर नियमित डायलिसिस होती है। ऐसे में नए मरीजों को तभी मौका मिल सकता है, जब कोई मरीज कहीं और इलाज कराने जाए। इमरजेंसी सेवा पाने के लिए कोई सुविधा यहां नहीं है।
एक दिन के अंतराल पर डायलिसिस हो रही है। 12 मरीज प्रतीक्षा में हैं। जिन लोगों का पंजीकरण हुआ है, नंबर आने पर उन्हें फोन करके बुलाया जाता है। नियमित रूप से डायलिसिस वाले मरीजों का ही पंजीकरण किया जाता है।
- प्रमोद कुमार कुशवाहा, प्रभारी डायलिसिस