जिले में सरकारी अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। सदर
अस्पताल में तैनात दो रेडियोलॉजिस्ट में एक महीने भर की छुट्टी पर हैं।
वहीं दूसरे रेडियोलॉजिस्ट महीने में एक-दो दिन ही नौकरी करने आते हैं। जिला
महिला अस्पताल के रेेडियोलॉजिस्ट के भी लंबी छुट्टी पर जाने से
अल्ट्रासाउंड केंद्र में ताला लटक रहा है। दोनों सरकारी अल्ट्रासाउंड
केंद्र बंद होने से दूरदराज से आने वाले जरूरतमंदों को परेशान होना पड़ रहा
है।
शासन सरकारी अस्पतालों मेें जरूरतमंद जनता को बेहतर सेवा दिलाने
का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद व्यवस्था में लगे लोगों की जवाबदेही तय न
होने से इसमें पलीता लग रहा है। जिले में सिर्फ सदर अस्पताल व जिला महिला
अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा है।
मौजूदा समय की बात करें
तो इन दोनों ही अस्पतालों में यह सेवा कई दिन से बंद है। सदर अस्पताल के
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीपी सिंह एक महीने की छुट्टी पर हैं, जबकि इनके पहले से
तैनात डॉ. मनु गोपाल पहले की ही तरह महीने में दो-तीन दिन ही नौकरी करने
आते हैं।
इसी तरह जिला महिला अस्पताल का अल्ट्रासाउंड केंद्र भी एक सप्ताह
से बंद है। ऐसे में इस अस्पताल में पेट संबंधी तकलीफों को लेकर हर दिन आने
वाली 50 से 60 महिलाओं (इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं) की जांच नहीं
हो पा रही है। सीएमएस डॉ. रेखारानी ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निरंजन
कुमार भी महीने भर की छुट्टी पर हैं।
सदर
अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनु गोपाल लंबी छुट्टी के बाद तीन दिन पहले
ज्वाइन करने आए थे। जिन्हें ज्वाइन नहीं कराया गया। सदर अस्पताल के सीएमएस
डॉ. एके मिश्रा का कहना है कि उनके इस ढर्रे को लेकर पहले से ही लिखापढ़ी
चल रही है। उनका कहना था कि वह बीमार हो गए थे। लिहाजा वह अपर निदेशक
स्वास्थ्य मंडल इलाहाबाद से सर्टीफिकेट लेकर आएं, तब ज्वाइन कराया जाएगा।