खागा(फतेहपुर)। अमांव में जाली नोट का कारोबार करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को जेल भेजने के बाद सोमवार की रात को पुलिस टीमों ने फरार सरगना परवेज सिद्दीकी उर्फ लंगड़ा को हिरासत में लिया है। परवेज के पकड़े जाने के बाद एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) प्रयागराज खागा कोतवाली सरगना से पूछताछ के लिए पहुंची है। पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई कनेक्शन की संभावना पर एटीएस जाली नोट की फंडिंग की जड़ तक जांच करेगी। प्रेमनगर के रहने वाले एक किसान नेता व उसके पिता के साथ चार अन्य को पुलिस ने उठाया है। सभी से पूछताछ जारी है। पुलिस नोट बरामदगी के प्रयास में लगी है।
कोतवाली क्षेत्र के अमांव गांव से जाली नोट कारोबार को लेकर एसओजी व खागा पुलिस करीब 10 दिन से रैकेट के भंडाफोड़ में जुटी है। पुलिस ने अमांव के नौशाद उर्फ चुन्नू, आवेश आलम व दानिश को सोमवार को जेल भेजा है। फरार गिरोह के सरगना अमांव निवासी परवेज सिद्दीकी उर्फ लंगड़ा को एसओजी ने कौशांबी से पकड़ा है। पकड़े जाने के बाद जोन स्तर पर जिला पुलिस की ओर से सूचना दी गई। खबर पर एटीएस सक्रिय हुई। इधर, पूछताछ में परवेज ने जाली नोट के कारोबार की बात स्वीकार की। रैकेट से जुड़े कई लोगों के नाम पुलिस के सामने रखे। परवेज ने करीब डेढ़ लाख रुपए के जाली नोट प्रेमनगर निवासी किसान संगठन के नेता को बेचा है। खबर के बाद पुलिस ने प्रेमनगर में छापा मारा और किसान नेता व उसके पिता के साथ चार अन्य लोगों को उठाया है। प्रयागराज यूनिट से एटीएस की एक टीम शाम को खागा कोतवाली पहुंची। एटीएस ने सरगना व अन्य पकड़े गए लोगों से पूछताछ चालू की है। इनसे रातभर टीमें बारी-बारी से पूछताछ करेंगी। एटीएस की जांच में जाली करेंसी की सप्लाई पाकिस्तान की आईएसआई एजेंसी से तो नहीं है, इसकी पुष्टि करना है। देश में फैले जाली नोट के नेटवर्क की धरपकड़ के लिए एटीएस पूछताछ के बाद टीमों को सक्रिय कर सकती है। परवेज के खुलासों से बड़े पैमाने पर देशभर में धरपकड़ की जा सकती है। सीओ बृजराज सिंह ने बताया कि एटीएस पूछताछ के लिए आई है। जिला पुलिस भी पूछताछ कर धरपकड़ में जुटी है। प्रकरण में अभी तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
जांच के घेरे में कथित मीडियाकर्मी व कई सफेदपोश
पुलिस हिरासत में आए जाली नोटों के सरगना ने पुलिस के सामने कई राज खोले हैं। खबर है कि जाली नोटों को बाजार में खपाने का कई लोगों ने ठेका ले रखा था और वह परवेज के संपर्क में थे। पहले भी नोट खर्च कर किए जा चुके हैं। पूर्व में बैंक में रुपये जमा की कोशिश व इलाज के लिए डॉक्टर को रुपये देने का मामला सामना आ चुका है। खागा के एक कथित मीडियाकर्मी ने प्रकरण में डेढ़ लाख रुपये अफसरों के नाम पर लेने की चर्चा आई है। मीडियाकर्मी नए-नए नंबरों से प्रेमनगर के युवक के संपर्क में था। ऐसे में जांच का घेरा कभी भी इन पर कस सकता है।
पकड़े गए सदस्यों की जांच में एलआईयू जुटी
अमांव गांव से जाली नोटों का मामला 10 दिन से तूल पकड़े है। प्रकरण में गिरफ्तारी होने के बाद मंगलवार को एलआईयू सर्तक हो गई। टीम खागा कोेतवाली पहुंची और पूरे गिरोह व उसके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी हासिल की। पुलिस हिरासत में लिए लोगों का आपराधिक इतिहास खंगालना शुरू किया गया। चर्चा है कि हिरासत में आए युवक क्षेत्र में लकड़ी कटान का काम करते हैं।