सत्ता में मुस्लिमों की भागीदारी कम -मुनकाद अली
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नगर के एक गेस्ट हाउस के परिसर में बुधवार को बसपा मुस्लिम भाईचारा सम्मेलन में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद मुनकाद अली ने कहा कि गरीब, मजलूमों के लिए आजादी का कोई मतलब नहीं है। हमेशा की तरह अभी भी शोषण, उत्पीड़न जारी है।
सम्मेलन में सांसद ने कहा कि आजादी के बाद शासन में मुस्लिमों की 28 फीसदी भागीदारी थी। मौजूदा समय में आबादी अधिक होने के बाद भी शासन में केवल साढ़े तीन फीसदी भागीदारी है। राजनैतिक दल लॉलीपाप दिखा मुस्लिमों के वोट से सत्ता हासिल करते हैं। लेकिन मुस्लिमोें के आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक उत्थान के लिए कुछ भी नहीं किया। शासन में ब्राह्मणों की सात फीसदी, क्षत्रियों की आठ फीसदी, वैश्यों की तीन फीसदी शासन में भागीदारी है। मुस्लिमों का हित बसपा में ही है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि दंगा-फसाद करा हिंदू-मुस्लिम एकता को भंगकर कुर्सी पर आसीन होते हैं। भाजपा मजहब के नाम पर राजनीति करती है और पूरे देश में सांप्रदायिकता का माहौल पैदा करती है।
बसपा प्रत्याशी सुनील कुमार गौतम ने कहा कि चुनाव में जीत हुई तो आम जनता की अपेक्षाओं को पूरा करूंगा। इनके अलावा कोर्डिनेटर अमरेंद्र बहादुर सिंह और टीकेश गौतम, बसपा विधायक मो. आसिफ, अयाह शाह प्रत्याशी भोले पाल, जिला प्रभारी धनश्याम पाल टक्करी, राजू गौतम, बम लहरी, कसीम दरोगा, जुबैर अहमद, प्रदीप कुमार, पिन्टू पासी, रसीद अहमद, मजहर सलमान, मो इमरान, सईद चच्चा आदि बसपाई मौजूद रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सीताराम गौतम ने की।