फतेहपुर। अमृत योजना के तहत आवास विकास कालोनी के पार्कों का सुंदरीकरण अधर में अटका है। नगर पालिका ने दो साल पहले कालोनी के सभी 13 पार्कों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा था। जिनमें सिर्फ दो पार्कों का सुंदरीकरण हो पाया है। शेष सभी पार्क वीरान पड़े हैं।
जनवरी 2019 में नगर पालिका ने अमर शहीद डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क और आवास विकास कालोनी के 13 पार्कों के सुंदरीकरण के लिए अमृत योजना में चयन किया था।
इनमें डिप्टी कलक्टर हिकमत उल्ला पार्क और आवास विकास के दो पार्कों का सुंदरीकरण कराया गया था, लेकिन अन्य 11 पार्क पूरी तरह से वीरान पड़े हैं। वीरान पार्कों को लोगों ने गंदगी का डंपिंग सेंटर बना लिया है।
खास बात तो ये है कि आवास विकास में सुंदरीकरण कराए गए दोनों पार्क भी वीरान होने लगे हैं। यहां पर लगी खेल सामग्री गायब होने लगी है। लोगों ने यहां पर पालतू मवेशी बांधना शुरू कर दिया है।
नगर पालिका के अवर अभियंता सिविल अमित जायसवाल का कहना है कि उनके कार्यकाल के पहले नगर पालिका ने आवास विकास कालोनी के सभी पार्कों के सुंदरीकरण की योजना बनाई थी।
इसके लिए अमृत योजना से प्रति पार्क 32 लाख रुपये का बजट मांगा गया था, जिनमें सिर्फ दो पार्कों के लिए बजट मिला था। शेष पार्कों के लिए बजट अभी तक नहीं मिला है।
सत्येंद्र गुप्ता का कहना है कि जिन दो पार्कों का सुंदरीकरण कराया गया था, उनमें सिर्फ औपचारिकता की गई थी। किसी भी पार्क में लागत और संसाधनों का बोर्ड नहीं लगाया गया है।
शुभम का कहना है कि वीरान पड़े पार्कों का उपयोग लोग कूड़ा डालने और निजी वाहन खड़ा करने के लिए कर रहे हैं। कुछ लोगों ने पार्कों में मवेशी पाल रखे है।
ओमप्रकाश मिश्रा का कहना है कि कालोनी के पार्क देखरेख से अभाव में लोगों की निजी संपत्ति बनते जा रहे हैं। एक पार्क में तो अतिक्रमण कर पक्का निर्माण भी करा लिया गया है।
नरेश मौर्य का कहना है कि पार्क अन्ना मवेशी का बसेरा बन गए हैं। लोग सब्जियों का छिलका और बासी खाना पार्कों में डालते हैं, जिसे खाने के लिए मवेशी यहां जमा रहते हैं।
सतेंद्र गुप्ता। संवाद- फोटो : FATEHPUR
सुभम। संवाद- फोटो : FATEHPUR
ओम प्रकाश मिश्रा। संवाद- फोटो : FATEHPUR
नरेश मौर्या। संवाद- फोटो : FATEHPUR