फतेहपुर। ग्रामीणों के सुविधा के लिए बनाए गए पंचायत सचिवालय शोपीस बन गए हैं। सचिवालय में लंबें समय से ताला लटके रहने से योजनाओं में लगने वाले जरुरी दस्तावेज बनवाने के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक की दौड़ लगानी पड़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी बेखबर हैं।
अमौली ब्लॉक के बसफरा गांव के पंचायत सचिवालय में दो साल से ताला बंद है। इससे ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए भटकना पड़ रहा है। फैमिली आईडी, राशन कार्ड, पेंशन, आवास और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए ग्रामीणों के ब्लॉक या जनसेवा केंद्रों का रुख करना पड़ता है। जहां उनसे मनमानी रकम वसूली जा रही है। ग्रामीण धीरज यादव, सुनील यादव, रामकृपाल कुशवाहा ने बताया कि पंचायत सचिवालय नहीं खुलने से लोगों को योजनाओं की जानकारी ही नहीं होती है। इससे पात्र लाभार्थी भी सरकारी योजना से वंचित रह जाते हैं। परिवार रजिस्टर व राशन कार्ड सत्यापित कराने के लिए ब्लॉक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस ओर जिम्मेदार अफसरों को ध्यान देकर लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। सुरेश तिवारी, देवीप्रसाद ने कहना है कि वृद्धा पेंशन कैसे बनेगी, इसकी जानकारी देने वाला कोई नहीं है।