फतेहपुर। धान की सरकारी खरीद के लिए खोले जाने वाले क्रय केंद्रों की संख्या इस बार घटाकर आधी से भी कम कर दी गई है। पिछले साल खुले 63 केंद्रों के सापेक्ष इस बार इनकी संख्या मात्र 26 रह गई है। संख्या घटने के पीछे शासन के नए नियमों को कारण बताया गया है। शासन ने नियम तय किया है कि जो संस्था क्रय केंद्र खोल रही है उसके खाते में अपने प्रत्येक केंद्र के हिसाब से 20 लाख रुपये की धनराशि होनी चाहिए, ताकि किसानों को समय से भुगतान हो सके। वहीं, जिले में खरीद का लक्ष्य बढ़ गया है।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीद करने के लिए इस बार चार संस्थाओं का चयन हुआ है। इनके 26 क्रय केंद्रों में 15 अक्तूबर से किसानों का धान खरीदा जाएगा। शासन से एक लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। क्रय केंद्रों में धान बेचने के लिए अब तक चार हजार किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है।
धान की खरीद शासन के निर्देश पर 15 दिन पहले से शुरू कराई जा रही है। सरकारी खरीद के लिए चार संस्थाओं का चयन किया गया है। इनके कुल 26 केंद्र अभी तक जिले में खोले गए हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार श्रीवास्तव ने इसके लिए हाटशाखा के 14, पीसीएफ के छह, यूपी एग्रो के चार और कर्मचारी कल्याण निगम के दो क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सरकारी खरीद केंद्र में किसानों से 1868 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की तौल कराई जाएगी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि सभी संस्थाओं के जिला प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि 15 अक्तूबर से धान की खरीद शुरू करा दी जाए। जिन किसानों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। उनका धान वरीयता के आधार पर खरीदा जाए। किसान अपने धान को सुखाकर क्रय केंद्र में लाएं। 16 प्रतिशत नमी से अधिक होने पर धान की तौल नहीं कराई जाएगी। कुछ और संस्थाओं ने केंद्र खोलने के लिए आवेदन किया है। आवेदनों पर विचार किया जा रहा है। कुछ केंद्रों की संख्या बढ़ भी सकती है।
इन संस्थाओं के यहां खुलेंगे क्रय केंद्र
हाटशाखा: मंडी समिति (फतेहपुर), बहुआ, हुसैनगंज, थरियांव, असोथर, खागा, हथगाम, किशनपुर, धाता, बिंदकी प्रथम, बिंदकी द्वितीय, मलवां, अमौली, जहानाबाद में खरीद केंद्र खोले गए हैं। पीसीएफ: गाजीपुर, बरारी, सातों जोगा, सीतापुर, महरहा, पधारा में खरीद केंद्र बनाए गए हैं। यूपी एग्रो: पलनहा, टीसी, बेर्रांव, मझटेनी में सरकारी धान की खरीद होगी।
कर्मचारी कल्याण निगम: सिमौर, लालीपुर गांव में क्रय केंद्र खोले जाएंगे।