फोटो - 04- जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में भर्ती मरीज और रखा सिलिंडर। संवाद
- 33 लाख रुपये की लागत से लाइन बिछाने का हुआ टेंडर, अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट से होगा कनेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। डायलिसिस यूनिट में 33 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन लाइन बिछाई जाएगी। लाइन डालने का टेंडर हो गया। इसका कनेक्शन जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट से होगा। यूनिट में अभी तक मरीजों को सिलिंडर के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही है। जल्द ही लाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा।
जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में किडनी की बीमारी से ग्रसित रोजाना 20 मरीज आते हैं। किडनी खराब होने के बाद यहां डायलिसिस मशीन के माध्यम से मरीजों के रक्त का शोधन किया जाता है। यूनिट में सुबह आठ बजे से रात 12 बजे तक चार-चार घंटे की चार शिफ्ट चलती हैं। प्रत्येक शिफ्ट में पांच-पांच मरीजों की डायलिसिस होती है।
कुछ मरीज हफ्ते में दो बार और तीन बार डायलिसिस कराने आते हैं। रोजाना करीब पांच मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें किडनी के साथ सांस की भी परेशानी रहती है। यूनिट में मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचने की सुविधा नहीं है। ऐसी स्थिति में मरीजों को छोटे सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जाती है। एक सिलिंडर एक घंटे में खाली हो जाता है।
बार-बार सिलिंडर बदलने पर मरीजों को असुविधा होती है और बेडों के लिहाज से सिलिंडरों की संख्या भी कम है, लेकिन अब जल्द ही यूनिट में सभी बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। ऑक्सीजन लाइन बिछने के बाद हर बेड के नजदीक ऑक्सीजन का नोजल होगा। जिससे मरीजों को लगातार सुचारू रूप से ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी।
अन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को भी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है
किडनी समस्या के साथ ह्रदय और फेफड़े से ग्रसित मरीजों के लिए ऑक्सीजन बहुत आवश्यक है। सीएमएस ने बताया कि डायलिसिस एक कार्य है और कार्य के लिए ऊर्जा व ईंधन की आवश्यकता होती है। इस दौरान ऑक्सीजन ईंधन का कार्य कर शरीर को ऊर्जा देती है। जिससे डायलिसिस के दौरान रक्त शोधन होने में मरीजों को परेशानी न हो। जिला अस्पताल परिसर में 2021 में तैयार हुए 200 लीटर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन लाइन का कनेक्शन होगा। इससे मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी।
कोट्स
डायलिसिस यूनिट में ऑक्सीजन लाइन बिछाने का टेंडर हो गया। एक माह के भीतर कार्य शुरू हो जाएगा। फिर मरीजों को ऑक्सीजन की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. पीके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल, फतेहपुर।