थाने में अवैध शराब संग तस्कर दाएं से राजेश सिंह, भीम सिंह।
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जनता की गाढ़ी कमाई लेकर भागी हमारा मिशन संस्था का एक एजेंट शुक्रवार को शराब तस्करी में पकड़ा गया। यह अफोही के पूर्व ग्राम प्रधान का बेटा है और क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरी भी करता था। पुलिस ने इसके एक साथी को भी पकड़ा है हालांकि कार सवार दो साथी भाग निकले। इनके पास 18 पेटी में 900 क्वार्टर शराब बरामद हुई है। पुलिस का दावा है कि शराब माफियाओं की बनाई नकली नैना ब्रांड है।
दमोदापुर गांव के पास शराब तस्करों के शुक्रवार सुबह आने की खबर हथगाम पुलिस को मिली। एसएचओ ऋषिकांत शुक्ला ने बताया कि वे टीम के साथ तस्करों को पकड़ने पहुंचे। कार से तस्कर शराब उतार रहे थे। पुलिस को देखकर कार सवार भाग निकले। मौके से सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के रामपुर मजरे अफोही निवासी रुद्रपाल पूर्व प्रधान का बेटा राजेश सिंह यादव और शिवसरन के बेटे भीम सिंह को गिरफ्तार किया गया।
इनसे पूछताछ में पता चला कि कार सवार विनोद कुमार यादव निवासी रसूलाबाद थाना थरियांव और एक अनजान व्यक्ति था, जिसे वे नहीं पहचानते हैं। राजेश सिंह ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह क्षेत्र में क्लीनिक चलाकर झोलाछाप डाक्टरी करता है। वह खजुरिहा गांव में संचालित रही संस्था का एजेंट था। धन कई गुना करने के नाम पर ग्रामीणों से नौ लाख 80 हजार रुपये जमा कराए थे। संस्था के भाग जाने के बाद परेशान हो गया था और ग्रामीण निवेशकों ने जीना दुश्वार कर रखा था।
इसी वजह से उसने शराब तस्करी का काम शुरू किया। वह लोग हुसैनगंज, सुल्तानपुर घोष, हथगाम थाना क्षेत्रों में शराब की बिक्री करते थे। एसएचओ ने बताया कि थरियांव के शराब माफियाओं की शराब हो सकती है। ये लोग कुछ दिनों पहले जेल से छूटे हैं। गुडवर्क में उनके साथ सिपाही माघवेंद्र कुमार, जय कुमार, संदेश व शैलेंद्र कुमार मौजूद रहे।