फतेहपुर। कोविड-19 जैसी महामारी के बीच जलाला गांव के मुस्लिम समाज ने समरसता की मिसाल पेश की है। गांव के मुस्लिम समाज की महिलाओं ने घर में भट्ठी लगाकर भोजन पकाया। लंच के पैकेट तैयार किए। इसके बाद बच्चों व पुरुषों ने हाईवे पर स्टाल लगाकर पैदल व वाहनों से लौट रहे प्रवासियों, जरूरतमंदों को लंच पैकेट के साथ पानी की बोतल बांटी।
यह गांव मलवां ब्लाक में है। इस कार्य में आसिफ अली, सलमान अली, वारिश खान व खाना बनाने में लगी गुलशन, नजबुन आदि ने कहा कि रमजान माह में हम लोग रोजा रख रहे हैं। इसमें इफ्तार कराया जाता है। लॉकडाउन के चलते एक दूसरे के घर नहीं जा सकते तो सोचा प्रवासी मजदूरों, जरूरतमंदों को भोजन कराया जाय। आसिफ व सलमान का कहना है कि मुस्लिम समाज को अलग नजरों से देखा जाना उचित नहीं हैं। वह भी
हिंदुस्तानी हैं। हर मुस्लिम खराब नहीं होता है। संकट के समय हम लोगों ने लंच पैकेट बांटे तो इसमें जाति, धर्म, मजहब नहीं देखा। हमने इंसानियत का धर्म निभाया है। पानी की बोतलें वितरित किया। इस टीम ने सैकड़ों लोगों को लंच पैकेट बांटे। समाजसेवा के इस कार्य में इम्तियाज, निजाम, आरिफ, मेंहदी हसन, रज्जब अली, इरफान अली, अली रजा भी रहे।