फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फतेहपुर : खतौनी के सत्यापन बिना नहीं बिक पा रहा धान

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। समर्थन मूल्य पर धान बेचना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। विभाग की वेबसाइट पर पंजीयन के बाद खतौनी के सत्यापन के लिए लेखपालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। 15 से 25 दिन बाद भी खतौनियों का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। राजस्व विभाग की ढिलाई से किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच पा रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में धान खरीद के लिए 60 केंद्र खोले गए हैं। धान बेचने के लिए पंजीयन के बाद खतौनी का सत्यापन होना जरूरी है। धान बेचने के लिए अभी तक 16 हजार किसान ऑनलाइन पंजीयन करा चुके हैं। इसमें 12 हजार किसानों की खतौनी आदि का सत्यापन राजस्व विभाग की ओर से कर दिया गया है। चार हजार किसान सत्यापन के लिए तहसीलों के चक्कर लगा रहे हैं।
किसान अर्नव यादव ने बताया कि 15 दिन पहले पंजीकरण कराया था। खतौनी का सत्यापन कराने के लिए तहसील केे कई चक्कर लगा चुके हैं। धान खुले में पड़ा है। बिना सत्यापन के धान की खरीद नहीं की जा रही है।
विज्ञापन

किसान उमेश कुमार ने भी कहा कि कई चक्कर लगाने के बाद भी खतौनी का सत्यापन नहीं हो पाय है।
किसान मनबोधन सिंह ने बताया कि पंजीकरण के 25 दिन बाद भी लेखपाल ने सत्यापन नहीं किया है। धान का ढेर खुले में लगा है। इससे मवेशियों के खाने का डर सता रहा है।
किसान रामेश्वर ने बताया कि 67 क्विंटल धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। सत्यापन के बाद राजस्व विभाग ने 12 क्विंटल धान बिक्री की संस्तुति की है। इतना धान एक बीघा में हुआ है।
किसानों ने बताया कि धान के खेतों में गेहूं की बुआई करनी है। धान की बिक्री हो तो खाद और बीज का इंतजाम करें। धान बिक्री न होने से गेहूं की बुआई भी पिछड़ रही है।
तहसील पंजीकरण लंबित
सदर 8487 3150
बिंदकी 4023 543
खागा 3707 307
कुल - 16217 - 4000
फोटो- 20- असोथर में धान की फसल की क्राप कटिंग रिपोर्ट तैयार करती राजस्व टीम। संवाद
एक बीघे में 12 क्विंटल उपज
असोथर। जिले में धान की उत्पादकता तय करने के लिए बुधवार को राजस्व निरीक्षक भानचंद्र मौर्य, लेखपाल वीरेंद्र तिवारी, भूप पांडेय असोथर पहुंचे। किसान सर्वेश कुुमार पासवान की आधा बिस्वा फसल कटवाकर तौल कराई। इसमें 32.23 किलो धान निकला। इसके आधार पर एक बीघा में करीब साढ़े बारह क्विंटल उपज की रिपोर्ट बनाई गई है। किसान मर्याद सिंह, सोनू सिंह गौतम, विपिन तिवारी, नीरज सिंह मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें