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साढ़े तीन महीना बाद नहर में आया 700 क्यूसेक पानी

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फतेहपुर। निचली गंगा नहर में साढ़े तीन महीना बाद 700 क्यूसेक पानी आ गया है। किसानों को अब धान की रोपाई में पानी की किल्लत नहीं होगी। शुरुआत के दो सप्ताह निचली गंगा नहर व रामगंगा नहर में एक-एक सप्ताह पानी चलेगा। इसके बाद दोनों नहरों में 15-15 दिन का रोस्टर रहेगा।
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निचली गंगा व रामगंगा नहर से किनारे करीब 50 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। यहां के किसान फसलों की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर ही निर्भर हैं। निचली गंगा नहर से खजुहा, देवमई, अमौली, बहुआ, असोथर, विजयीपुर और धाता ब्लाक के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। रामगंगा नहर से मलवां, तेलियानी, भिटौरा, हथगाम, हसवा, ऐरायां ब्लाक के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। मार्च के महीना में रबी के सीजन से ही नहर का पानी बंद हो गया था। नहरी क्षेत्र के किसानों ने किसी तरह से धान की नर्सरी तो तैयार कर ली थी, लेकिन नहर में पानी न होने की वजह से रोपाई का काम बंद था। नहर में पानी आने से किसानों को राहत मिल गई है। अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि इस सप्ताह निचली गंगा नहर का रोस्टर है। इसके बाद एक सप्ताह रामगंगा नहर में पानी चलेगा। फिर 15-15 दिन का रोस्टर रहेगा। धान की फसल में टेल तक के किसानों को सिंचाई का पानी दिया जाएगा।
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