हसवा (फतेहपुर)। थरियांव स्थित एल वन कोविड-19 अस्पताल में सोमवार सुबह बेटी की किलकारी गूंजी। छह दिन पहले मुंबई से बिंदकी के भरतपुर गांव आए परिवार की महिला के संक्रमित मिलने पर दो जून को अस्पताल में भर्ती किया गया था। सोमवार को सुबह 9 बजे संक्रमित महिला ने एक बेटी को जन्म दिया। बच्ची के जन्म से परिजनों व स्वास्थ्य कर्मियों में खुशी की लहर है।
प्रभारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि दो जून को भरतपुर बिंदकी गांव के रहने वाले दंपति और उनकी ढाई साल की बेटी को अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार को अलग कक्ष में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। रविवार रात प्रसव पीड़ा हुई। एल वन अस्पताल में कोई भी महिला स्टाफ नर्स की नियुक्ति नही है। गर्भवती की हालत को देखते हुई हंसवा पीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स वैशाली को प्रसव कराने के लिए भेजा गया। सोमवार की सुबह महिला ने एक बेटी को जन्म दिया।
अस्पताल में गर्भवती को दूध, अरहर की दाल, सलाद , फल आदि दिया जाता रहा है, जिससे जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहें। डा. अनुपम सिंह ने बताया कि बेटी के जन्म होने पर उन्होंने अपनी तरफ से फल मिठाई, तौलिया, मेवे आदि चीजें स्टाफ में बंटवाई। बता दें डॉ.अनुपम सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। कुछ दिनों पूर्व उनकी ताई का निधन हो गया था। जिससे उन्हें बिहार राज्य जाना पड़ा। बावजूद इसके फोन से ही मरीजों की देखभाल के दिशा निर्देश देते रहे।
अस्पताल में जन्मी नन्हीं बेटी का कोरोना को लेकर एक सप्ताह बाद सैंपल भेजा जाएगा। अभी जन्मी बेटी को मां से दूर थोड़ी दूरी पर लिटाया जा रहा है। साथ ही बाहर का दूध पिलाया जा रहा है। एक सप्ताह बाद मां बेटी व पिता समेत सभी का सैंपल प्रयागराज भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थितियां तय होंगी।
कोरोना संक्रमित मां ने बताया कि अस्पताल में सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने उसका काफी ध्यान दिया। वह अपनी बेटी का नाम प्रसव कराने वाली स्टाफ नर्स के नाम पर वैशाली ही रखेंगी।