फतेहपुर। स्कूली बच्चों को अब मध्याह्न भोजन योजना का लाभ उनके घरों में मिलेगा। लाकडाउन लागू होने की तिथि से 30 जून तक का अनाज प्रधानाध्यापकों से जारी अधिकार पत्र पर कोटेदार आवंटित करेंगे। भोजन बनाने खर्च राशि अभिभावकों के बैंक खाते में भेजने की प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है।
लाकडाउन के कारण 24 मार्च से स्कूल बंद हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों को मिलने वाला एमडीएम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस योजना से जिले 254000 स्कूली बच्चे लाभान्वित हो रहे थे, लेकिन इन दिनो बच्चे इस लाभ से वंचित हैं। ऐसे में अपर सचिव रेणुका कुमार ने निर्देश दिया है कि 30 जून तक का खाद्यान्न प्राथमिक स्कूल प्रति बच्चा सात किलो 600 ग्राम, उच्च प्राथमिक स्कूल प्रति बच्चा 11 किलो 400 ग्राम 76 दिन का बच्चे के
अभिभावक को कोटे के माध्यम से दिया जाएगा। खाद्यान्न प्राप्त करने का अधिकार पत्र अभिभावक स्कूल के प्रधानाध्यापक देंगे। उधर, भोजन लागतराशि अभिभावकों के बैंक खातों की फीडिंग का काम शुरू हो चुका है। डीसी एमडीएम आशीष दीक्षित ने बताया कि अनाज और भोजन बनाने का खर्च अभिभावक को उपलब्ध कराने का आदेश आ गया है। अगले महीने अभिभावकों कोटेदारों से राशन उपलब्ध करा दिया जाएगा। खाता फीडिंग होने के बाद खर्च राशि अभिभावकों के खाते में भेज दी जाएगी।