फतेहपुर। दूसरे राज्यों से प्रवासी कामगारों के आने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को 15 घंटे के अंतराल में तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रुकीं। हालांकि ट्रेनों से महज 50 प्रवासी ही उतरे। इनके साथ सात बच्चे भी थे। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों को बसों से गंतव्य की ओर भेज दिया गया। उधर, मुंबई से आने वाली ट्रेन 24 घंटे बाद भी नहीं आ सकी।
हालांकि प्रशासन ने बसों का पूरा इंतजाम कर रखा था। गुरुवार की रात 9:55 बजे सूरत से प्रतापगढ़ जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर आकर रुकी। ट्रेन से कुल 21 सवारी उतरीं। इनमें से 19 प्रवासी थे जबकि 2 बच्चे। शुक्रवार की सुबह 5:35 मिनट पर सूरत से प्रतापगढ़ जाने वाली दूसरी ट्रेन ने स्टॉपेज लिया। इस श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 25 प्रवासी और 5 बच्चे उतरे। दोपहर 2:58 बजे फिर झांसी से बनारस जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर आकर रुकी। ट्रेन से कुल छह प्रवासी उतरे। उधर, गुरुवार को मुंबई से आने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लेट हो जाने से प्रशासनिक तैयारियां धरी की धरी रह गईं। बस चालक और परिचालक बार-बार स्टेशन के अंदर बाहर होते दिखाई दिए। रेलवे के एसएस आरके सिंह ने बताया कि अभी तक ट्रेन की लोकेशन नहीं मिल सकी है।