फतेहपुर। लॉकडाउन संग बदइंतजामी की दोहरी मार झेल रहे प्रवासी कामगारों ने शुक्रवार को ट्रेन के रुकते ही हंगामा कर दिया। झांसी से वाराणसी जा रही मेमू ट्रेन में सवार श्रमिकों ने बताया कि उन्हें खाना-पानी कुछ नहीं मिला है। यहां तक कि भीषण गर्मी में कोच के पंखे भी नहीं चल रहे। सबसे ज्यादा महिलाओं और बच्चों का बुरा हाल रहा। जैसे तैसे श्रमिकों को समझा कर दोबारा ट्रेन में बैठाया गया। करीब आधा घंटे तक चले हंगामे के बाद ट्रेन प्रयागराज के लिए रवाना हुई।
झांसी से वाराणसी जा रही मेमू ट्रेन शुक्रवार सुबह 9:50 बजे प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकी। ट्रेन के रुकते ही कामगारों ने स्टेशन पर हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि सरकार झूठे दावे कर रही है। झांसी से ट्रेन चलने के बाद उन्हें खाना-पानी कुछ नहीं मिल पाया है। भीषण गर्मी में ट्रेन में पंखे भी नहीं चल रहे। श्रमिकों के हंगामा करते ही आरपीएफ, जीआरपी मौके पर पहुंची। रेलवे स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों ने श्रमिकों को समझाने की कोशिश की। श्रमिकों का कहना था कि उन्हें न तो पीने का पानी मिल रहा और न ही शौच की सुविधा है। कई जगह पंखे भी नहीं चल रहे हैं। खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। वह परेशान हो चुके हैं। जैसे-तैसे श्रमिकों को समझा कर दोबारा ट्रेन में बैठाया गया। ट्रेन आधे घंटे बाद प्रयागराज के लिए रवाना कर दी गई। स्टेशन अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि अधिकारियों कर्मचारियों ने श्रमिकों समझाया कि प्रयागराज में ट्रेन के रुकते ही वहां उनके लिए सारी व्यवस्था है। इससे श्रमिक मान गए और ट्रेन को रवाना कर दिया गया।