फतेहपुर। किसानों के लिए खोले गए क्रय केंद्र बेमकसद साबित हो रहे हैं। असोथर क्रय केंद्र में मंगलवार को किसानों के गेहूं को सिकुड़ा व टूटा बताकर केंद्र प्रभारी ने तौल कराने से मना कर दिया। इस पर किसानों ने केंद्र प्रभारी पर सवाल उठाए और गेहूं को ट्रैक्टर में लादकर वापस घर ले गए।
समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए असोथर के किसान नीरज सिंह, मनोज, प्रेमादेवी, रमाकांत लोधी और राजबहादुर ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था। केंद्र प्रभारी से गेहूं की तौल कराने के लिए टोकन जारी कराया। उनके गेहूं की शनिवार को तौल होनी थी लेकिन शाम को तेज आंधी और बारिश की वजह से तौल नहीं हो सकी। बारिश से बचाने के लिए इन किसानों ने तिरपाल व पन्नी से ढंककर किसी तरह से अपने गेहूं को बचाया। मंगलवार को
जब गेहूं की तौल कराने का नंबर आया तो केंद्र प्रभारी भीम सिंह ने गेहूं को अधोमानक बताकर तौल कराने से मना कर दिया। किसान नीरज सिंह ने बताया कि केंद्र प्रभारी को पंजीयन के समय गेहूं का नमूना दिखाया गया था। फिर भी गेहूं को अधोमानक बताकर तौल नहीं कराए हैं। किसान मनोज कुमार ने बताया कि इससे पहले धान की
खरीद में तौल नहीं करा रहे थे, तो ऑनलाइन मुख्यमंत्री पोर्टल में शिकायत की थी। इसी वजह से गेहूं को क्रय केंद्र में लाने के बाद रिजेक्ट किया गया है। इसी प्रकार प्रेमा देवी, रमाकांत लोधी और राजबहादुर के गेहूं को अधोमानक बताया गया है। विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी भीम सिंह ने बताया कि क्रय केंद्र में छह प्रतिशत सिकुड़ा व टूटा गेहूं खरीदने का मानक है। इन पांच किसानों के गेहूं में मानक से अधिक सिकुड़न है। नमूना दिखाने जो गेहूं लाए थे, उसे साफ करने के बाद लाए थे। इसी वजह से तौल नहीं कराई गई है।