फतेहपुर में यमुना नदी के घाट पर मौजूद पुलिस व लगी भीड़।
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किशनपुर (फतेहपुर)। लॉकडाउन में गश्त पर निकले पुलिस कर्मियों की नाव शनिवार की शाम करीब साढ़े छह बजे तेज हवा के झोंकों से यमुना नदी में पलट गई। नाव में दरोगा, दो सिपाहियों और नाविक सवार थे। एक सिपाही तैरकर बाहर निकल आया, जबकि दरोगा, सिपाही व नाविक डूब गए, जिनकी तलाश में पुलिस ने जाल डलवाकर गोताखोरों के मदद से खोजबीन शुरू कराई। डीएम संजीव सिंह, एसपी प्रशांत वर्मा समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। रात तक तलाशने का कार्य जारी रहा।
किशनपुर थाने में तैनात दरोगा रामजीत सोनकर (52), सिपाही शशिकांत (25) व सिपाही निर्मल यादव लॉकडाउन में शाम करीब साढ़े चार बजे गश्त पर रवाना हुए थे। यमुना किनारे के लोहंगपुर घाट से नाविक रवि (27) को बुलाया गया। सभी लोग नाव से बांदा सीमा तक जाकर लौट रहे थे। यमुना नदी की सीमा पर लखनपुर जोरावरपुर गांव के पास शाम करीब साढ़े छह बजे तेज हवा चलने से नाव पलट गई। सिपाही निर्मल करीब चार सौ मीटर जैसे-तैसे तैरकर लोहंगपुर घाट पर पहुंचा। वह थोड़ी देर के लिए अचेत हो गया। हादसा देखकर आसपास मौजूद नाविक और ग्रामीण दूसरी नाव से नदी में तलाश जुट गए। एसओ आरके यादव ने नदी में जाल डालकर खोजबीन शुरू कराई।
सिपाही शशिकांत गाजीपुर जिले के कासमाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। दरोगा रामजीत सोनकर मूल रूप से जौनपुर जिले के हैं। वह प्रयागराज में परिवार के साथ रहते हैं। नाविक रवि बिहार का रहने वाला है। वह एक मछली ठेकेदार के यहां काम करता है। सीओ अंशुमान मिश्रा ने बताया कि लॉकडाउन में ड्यूटी पर दरोगा, सिपाही गए थे। उनकी तलाश के लिए चार जगहों पर जाल डलवाया गया है।