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कासगंज से घर लौट रहे बीटीसी छात्र की मौत

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औंग (फतेहपुर)। लॉकडाउन की पाबंदियों ने घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया। एटा जिले के कासगंज में रहकर बीटीसी की पढ़ाई कर रहा मिर्जापुर का छात्र पैदल ही घर जाने के लिए निकल पड़ा। रास्ते में कुछ और साथी भी मिल गए। जिले के औंग थाने के आशापुर डाक बंगले के पास छात्र बेहोश होकर गिर पड़ा। जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। साथी छात्र एंबुलेंस से शव लेकर उसके गांव चले गए।
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छात्र के पिता स्वामी नाथ बघेला मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के हिनौता गांव निवासी हैं। वह सूरत में लॉकडाउन में फंसे हैं। साथियों की सूचना पर पुलिस ने मोबाइल से उनसे संपर्क किया। उन्होंने बताया कि राजाबाबू (23) एटा के कासगंज में बीटीसी प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी करने गया था। घर का इकलौता बेटा था। लॉकडाउन के चलते वह भी फंस गया था। पिता ने बताया कि खाने-पीने को परेशानी होने पर वह पैदल घर जा रहा था। इस बीच रास्ते में दूसरे कालेज के छात्र पंकज, सद्दाम, दुर्गेश, हस्तराज, गोविंद मिले। सभी लोग एक साथ घर लौट रहे
थे। साथी पंकज ने बताया कि राजाबाबू रास्ते में मिला था। एक ही रूट होने से साथ हो गया था। वह लोग शनिवार की शाम छिवली नदी के पास पहुंचे थे। यहां नहाते वक्त राजाबाबू फिसल गया था। हालांकि उन लोगों ने उसे सुरक्षित निकाल लिया था। औंग थाने के आशापुर डाक बंगले के पास राजाबाबू को चक्कर आने लगा। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। किसी तरह से साथी छात्र एंबुलेंस से राजाबाबू को गोपालगंज पीएचसी लेकर पहुंचे। पुलिस को
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सूचना देने के साथ राजाबाबू के आधार कार्ड से परिवार के लोगों को जानकारी दी गई। हालत बिगड़ने पर छात्र को पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। थानेदार एनके नागर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में पानी मिला है। मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
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