फतेहपुर। खेत की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम विशेषज्ञ सचिन कुमार शुक्ला ने किसानों को मूंग की फसल बोआई की सलाह दी है। गेहूं की फसल काटने के बाद किसान मूंग की बोआई कर सकते हैं। जो खरीफ सीजन की फसल बोने से पहले मूंग तैयार हो जाएगी।
मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि रासायनिक खाद के अधिक उपयोग से मिट्टी में पोषक तत्व जिंक, सल्फर, फास्फोरस निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसकी भरपाई जैविक व हरी खद से की जा सकती है। गेहूं की फसल कटने के बाद मई और जून के महीना में खेत ऐसे ही पड़े रहेंगे। किसान इन खेतों में मूंग की बुआई कर दें और 60 दिन में मूंग की फसल तैयार हो जाएगी। मूंग की फली तोडने के बाद हैरो व रोटावेटर से खड़ी फसल को पलट दें। इससे हरी खाद तैयार होगी और खेत की मिट्टी में उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी। पोषक तत्व सामान्य स्थिति में हो जाएगा।