फतेहपुर। बारिश व ओले गिरने से जिले के तीन उपकेंद्रों से संबद्ध गांवों में तीन दिन से बत्ती गुल है। ग्रामीणों का आरोप है कि कर्मचारियों की लापरवाही से बारिश में हुए फाल्ट अभी तक सही नहीं हो पाए हैं। उपभोक्ताओं ने अवर अभियंताओं से शिकायत भी दर्ज कराई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि संविदा लाइनमैन पैसा मिलने के बाद ही फाल्ट सही करने जाते हैं।
तीन दिन पहले हुई बारिश से थरियांव, लतीफपुर, असोथर उपकेंद्र की 11 केवीए लाइन में फाल्ट हो गया था। इससे उपकेंद्र से उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सप्लाई ध्वस्त हो गई। तीन दिन बीत गए, लेकिन अभी तक उपकेंद्र के कर्मचारी फाल्ट सही नहीं करा सके। थरियांव उपकेंद्र के मंडासराय फीडर से करीब 50 गांवों को बिजली दी जाती है। इन क्षेत्रो में करीब 25 किमी तक 11 केवीए की हाईटेंशन लाइन से सप्लाई होती है। बारिश में हुई फाल्ट को सही करने के बजाय कर्मचारी उपकेंद्र से करीब दो किमी के पास से आगे की लाइन काट कर पास के गांव में बिजली सप्लाई दे रहे हैं। शेष 20 किमी की हाईटेंशन 11 केवीए लाइन में सप्लाई बंद है। मंडासराय के किसान कल्लू सिंह का कहना है कि संविदा कर्मी ही उपकेंद्र का संचालन कर रहे हैं। फाल्ट सही करने के लिए जो लोग संविदा कर्मियों को रुपये देते हैं। उनकी लाइन को सही किया जाता है। इस पर उपकेंद्र के जेई भी अनेदखी किए हैं। मंडासराय फीडर के मलांव, खरसोला, शिवपुर, सुकुई, घूरी, सेमरा, मुरांव, धनाजीपुर, प्रयागदासपुर समेत अन्य कई गांवों की बिजली सप्लाई बंद है। इसी प्रकार लतीफपुर उपकेंद्र के बेती व लतीफपुर फीडर की बिजली सप्लाई पांच दिन से बंद है। उपकेंद्र के कर्मचारी फाल्ट सही करते हैं, लेकिन बिजली सप्लाई चालू करते ही कहीं न कहीं से फाल्ट हो जाता है। क्षेत्र के बेती, नेवादा, एकारी, लतीफपुर, बम्हरौली गांव की बिजली सप्लाई बंद है।
वर्जन
अधिशासी अभियंता मेघ सिंह का कहना है कि फाल्ट सही कराने के लिए जेई, एसडीओ को निर्देश दिए गए हैं। कोई लाइनमैन किसी से फाल्ट सही करने के लिए रुपये मांगता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।