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मौसम की मार से ईंट भट्ठा मालिकों को भी नुकसान

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अमौली (फतेहपुर)। मौसम की मार ने ईंट भट्ठा मालिकों की भी चिंता बढ़ा दी है। हफ्ता भर में हुई बेमौसम बारिश से कच्ची ईंट गलकर मिट्टी हो गई, वहीं पथाई का काम भी बंद हो गया है। 25 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं और ईंट-उद्योग को लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगी है।
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जिले में 307 ईंट भट्ठा संचालित हैं। दिसंबर माह से ही कभी कोहरा, शीतलहर और आसमान में बादलों के छाए रहने की वजह से पथाई का काम बाधित हो रहा है। साथ ही जो ईंट की पथाई हुई, वह सूख नहीं पा रही थी। इसकी वजह से अलाव की लकड़ी व खुराकी देना संचालकों को भारी पड़ रहा था। इसी बीच बेमौसम बारिश ने प्रत्येक भट्ठा कारोबारी को 15 से 20 लाख रुपये की चपत लगा दी है। पूर्व में तैयार कच्ची ईंट गलकर मिट्टी हो गई। ईंट बनाने वाली मिट्टी खराब हो जाने से पथाई का कार्य भी रुक गया है। इस वजह से 5500 रुपये हजार बिकने वाले ईंट के दाम बढ़कर 7500 रुपये हो गए हैं।
भट्ठा के चेंबर में ईंट भराकर पकाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन बारिश की वजह से आग सही से नहीं चल पा रही है। कच्चा ईंट तो बारिश के पानी में घुलकर मिट्टी बन गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक तीन बार बारिश की वजह से ईंट खराब हो चुकी हैं। मजदूरों को खर्च देना पड़ रहा है। उन्होंने खनन विभाग को इस बार ईंट भट्टा कारोबारियों को खनन टैक्स में छूट देेने की मांग की है। वेद वर्मा, भट्ठा यूनियन अध्यक्ष
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