फतेहपुर। बारिश और ओले गिरने से किसानों को हुए नुकसान की तत्काल भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने जल्द सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन लेखपालों ने निर्देशों की हवा निकाल दी। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने भी एक-एक किसान के खेत का गंभीरता से मुआयना करने और शीघ्र दैवी आपदा प्रबंधन से राहत दिलाने के निर्देश दिए थे। शनिवार देर रात हुई एसडीएम की बैठक में ऐसे 17 लेखपालों के नाम सामने आए, जिन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा ही नहीं किया। सभी को नोटिस देकर जवाब-तलब किया गया है।
चार दिन पूर्व शुक्रवार को हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से अमौली, जहानाबाद और बिंदकी क्षेत्र में किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं। अगले दिन शनिवार को किसानों के भीषण नुकसान का जायजा लेने पहुंचे ओलावृष्टि में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए क्षेत्र में मुआयना कर रहे लेखपालों की एसडीएम बिंदकी
प्रहलाद सिंह ने बैठक बुलाई। बैठक में एसडीएम ने सभी लेखपालों के साथ उनके क्षेत्र में हुए नुकसान की समीक्षा की। बैठक के दौरान सत्रह लेखपाल अनुपस्थित पाए गए। एसडीएम ने जानकारी कराई तो पता चला कि सभी सत्रह लेखपाल अपने क्षेत्र की ओलावृष्टि के नुकसान का आंकलन अब तक नहीं कर पाए हैं। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम प्रहलाद सिंह ने सभी सत्रहों लेखपालों को नोटिस देकर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। एसडीएम ने बताया कि लेखपालों का स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।