फतेहपुर। क्षय रोग बढ़ने की बड़ी वजह गलत खानपान और प्रदूषण भी है। क्षय रोगी खोजो अभियान के तहत 79 नए रोगियों की खोज हुई। यह ऐसे रोगी रहे जो घरों में ही पड़े रहते हैं। अस्पताल के चिकित्सक या फिर परिवार के किसी सदस्य से अपनी बात बताने में हिचकते हैं। इनमें से ज्यादातर को बेहतर खानपान और साफ सुथरे माहौल से दूर रहने की वजह से बीमारी ने जकड़ लिया।
जिले में मौजूदा वक्त पौने चार हजार के करीब क्षय रोगी पंजीकृत हैं। क्षय विभाग इनका उपचार कर रहा है। इसके अलावा एक बड़ी तादाद टीबी रोगियों की ऐसी है जो प्राइवेट स्तर पर अपना इलाज करवा रही है। क्षय विभाग ने 17 फरवरी से 27 फरवरी के बीच ड्रापआउट क्षयरोगियों की पड़ताल कराई। इसके लिए 119 टीमें लगाई गईं। एक टीम को 50 घर कवर करने थे। हफ्ते भर से ज्यादा चले क्षय रोगी खोजो अभियान में विभाग के सामने 79 नए क्षय रोगी निकले। यह ऐसे रोगी थे जिनका खानपान सही नहीं था। आसपास का वातावरण प्रदूषित था।
वर्जन
गलत खानपान और प्रदूषित माहौल से टीबी के बैक्टीरिया तेजी से असर करते हैं। ऐसे में अगर आपका नाश्ता से लेकर भोजन और आसपास का वातावरण हरा भरा है तो यह टीबी रोगी के जीवन के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। - डॉ. अरुण अग्रवाल, डीटीओ, क्षयरोग विभाग