फतेहपुर। बिंदकी तहसील क्षेत्र में शुक्रवार की रात हुई ओलावृष्टि ने अन्नदाताओं की होली बदरंग कर दी। आंधी, पानी और ओलों की वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं हैं। किसानों के मवेशी भी प्रकृति की आपदा का शिकार हुए। पेड़ों के गिरने से बिजली की तारें भी टूट गईं। बिजली आपूर्ति शनिवार को भी चरमराई रही। कस्बाई इलाकों में बड़ी संख्या में दुकानों के बाहर लगे टिनशेड उड़ गए।
बिंदकी प्रतिनिधि ने बताया कि क्षेत्र में गेहूं, लाही, चना, आलू सहित सभी फसलों का भारी नुकसान हुआ है। महरहा गांव के जयप्रकाश की पांच बीघे, राकेश तिवारी की तीन बीघे, श्याम विजय तिवारी की तीन बीघे और अमृत लाल तिवारी की आठ बीघे फसल पूरी तरीके से चौपट हो गई। जाफराबाद, खिदिरपुर, भवानीपुर समेत कई गांवों की सैकड़ों बीघे फसल चौपट हो गई। सबसे ज्यादा प्रभाव अमौली, खजुहा, जोनिहा, सहिली इलाके में हुआ
है। जोनिहा कस्बे में पेड़ गिर जाने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे यातायात भी प्रभावित रहा इसके अलावा क्षेत्र में दर्जनों पेड़ धराशाई हो गए। जिसके चलते भी भारी नुकसान हुआ है। किसान मनोज सिंह और सत्येंद्र पटेल ने बताया कि बेमौसम बारिश तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सभी फसलों का भारी नुकसान हुआ है। जिसका मुआवजा मिलना चाहिए। बहुआ क्षेत्र में तेज आंधी तूफान की वजह से गिरे पेड़ों से बिजली के 33 हजार
के तार कई पोल टूट जाने से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। दरवेशाबाद से 33 हजार बिजली की सप्लाई बहुआ पावर हाउस व दतौली पावर हाउस को होती है। 33 हजार बिजली के खंभे व तार टूट जाने से व इन्हीं तारो के ऊपर पेड़ गिर जाने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
जाफरगंज के खजुहा ब्लाक के बारा, ककोरा, खदरी, रेवरी, धौरहरा, शुक्लनपुर, बरवा, बिनदौर, मऊदेव, मोहारी, गंगौली, मंसूरपुर, जाफरगंज, डांडा, अमौली गढ़ी समेत दर्जनों गांव के किसानों की फसल खराब हो गई हैं। कारागार राज्यमंत्री जय कुमार जैकी, डीएम संजीव सिंह, बिंदकी एसडीएम प्रहलाद सिंह ने मौके का जायजा लिया। लाही सौ फीसदी, चना सत्तर, धनिया अस्सी, अरहर चालीस और गेहूं का सत्तर फीसदी नुकसान बताया जा रहा है। किसानों को जल्द आंकलन कर मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया गया। खोटिला निवासी जय कुमार सिंह की भैंस की कुएं में गिरने से मौत हो गई। इसी गांव के धर्मेंद्र सिंह की कार पर पेड़ गिरने से वह क्षतिग्रस्त हुई। सुरेश वाल्मीकि के छह सूअर मर गए। विद्युत उपकेंद्र बसंत खेड़ा के पोल गिर जाने से पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप है। जोनिहा कस्बे में कई मकान ढह गए।
खागा प्रतिनिधि ने बताया कि भोर हुई बूंदाबांदी और बदली छाई होने की वजह से चना, अरहर, की फसलों का नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि इन फसलों के फूल झर गए हैं। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ लालसिंह राजपूत ने बताया कि बूंदाबांदी और नमी के कारण जिन अरहर और चना की फसलों में फली निकल आई हैं। उनमें फली में कीट लग जाते हैं। वहीं नमी की वजह से फूल नही निकलता है।
इनसेट
बहुआ कस्बे में प्रभावित गांव
बहुआ कस्बा, ललौली, मुत्तौर, जिंदपुर, हरियापुर, हरिरामपुर, वाहिदपुर, सुजानपुर, लादिगंवा, बरौहां, गौरी, महाखेड़ा, अकिलाबाद, सिधांव, दतौली, ओती, कोर्राकनक, करैंहा, अढ़ावल, महना सहित सैकडो़ं गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। अमौली प्रतिनिधि ने बताया कि ब्लाक के चांदपुर, सठिगंवा, बढिग़ांव, सिजौली, मदुरी, परसेढ़ा, दपसौरा, मवई, गौरीऔरा, मकरंदपुर, गोहरारी, भाजीताला, मेढ़ापाटी, बेरनई, कुद्दीराहपुर, आजमपुरगढ़वा, बबई, चिल्ली, सिठर्रा, घनश्यामपुर, द्वारिकापुर, जट्ट, सरांय होली, रोशनपुर और मलवां ब्लाक के दरवेशाबाद, पनई, जनता,ष तेंदुली, मरहरा, गौसपुर, जाफराबाद, फिरोजपुर, कुंवरपुर, हबीबपुर, रारी, खिदिरपुर, अलियाबाद, दावतपुर, बकोली समेत कई गांव में बोई गई फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
वर्जन
किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है। लेखपालों और कृषि विभाग की टीमें लगाकर एक-एक दाने की बर्बादी की रिपोर्ट मांगी गई है। किसानों को पंद्रह दिन में फसल बीमे की रकम दिलाने के लिए बीमा कंपनी को सख्त हिदायत दी गई है। इसके अतिरिक्त सभी किसानों को प्राकृतिक आपदा के तहत भी मदद सुनिश्चित कराई जाएगी। संजीव सिंह, जिलाधिकारी।