फतेहपुर। चौधरी रामरूप सिंह धनराज सिंह इंटर कालेज धाता के लिपिक को पुलिस ने बोर्ड परीक्षा की 208 उत्तर पुस्तिकाएं गायब कर देने के मामले में जेल भेज दिया। शुक्रवार की रात सरकारी संपत्ति के गबन की रिपोर्ट दर्ज कर लिपिक को गिरफ्तार किया गया था। अभी तक कालेज प्रबंधक अजय सिंह ने आरोपी लिपिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
चौधरी रामरूप सिंह धनराज सिंह इंटर कालेज धाता के लिपिक उदय प्रताप सिंह ने 28 फरवरी को दोपहर तीन बजे राजकीय इंटर कालेज फतेहपुर में हाईस्कूल की 108 और इंटर की 100 सादी उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त की थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक ही बाइक से लिपिक समेत दो लोग सादी उत्तर पुस्तिकाएं लेकर राजकीय इंटर कालेज से निकले थे। फतेहपुर से धाता जाने में अधिकतम दो घंटे का समय लगता है। उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल रास्ते में गायब हुआ और डीआईओएस को इसकी सूचना रात 9.15 बजे दी गई। छह घंटे तक परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य रामप्रताप सिंह की ओर से उत्तर पुस्तिकाएं गायब होने की सूचना छिपाए रखी गई, यह जांच का विषय है। इतना ही नहीं लिपिक के साथ बाइक चला रहा दूसरा व्यक्ति कौन था, इसका रिपोर्ट में कहीं उल्लेख नहीं किया गया। प्रबंधक अजय सिंह उर्फ पट्टू से बात करने की कोशिश की गई। दो बार पूरी घंटी बजने के बात फोन रिसीव नहीं हुआ। तीसरी बार काल करने में फोन स्विच ऑफ कर दिया गया।
उधर, रात 9.45 बजे डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने कालेज के प्रधानाचार्य रामप्रताप सिंह को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। रिपोर्ट रात 12 बजे थाने में दर्ज कराई गई। थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद रात में ही आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर लिया गया था। शनिवार को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है।
फतेहपुर। वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय के लिपिक को निलंबित करने का अधिकार कालेज प्रबंधक के पास होता है। डीआईओएस सिर्फ प्रबंधक के आदेश का अनुमोदन करता है। लिपिक को जेल भेजने के बावजूद अभी तक प्रबंधक ने निलंबन से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं की है।
कोई भी सरकारी कर्मी 24 घंटे से अधिक जेल में रहता है, तो उसका निलंबन होना तय है। ऐसे में यदि 24 घंटे तक लिपिक जेल में रहता है, तो उसका निलंबन तय है। प्रबंधक के ऐसा नहीं करने पर प्रबंध कमेटी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस