कलमापुर गांव में सरसों की फसल में बैठे अन्ना मवेशी
- फोटो : FATEHPUR
26- बहुआ में अन्ना मवेशियों के चरने के बाद डंठल खड़ी गेहूं की फसल
27- कमलापुर गांव में सरसों के खेत में बैठे अन्ना मवेशी
अन्ना मवेशियों ने चर डाली गेेेहूं-सरसों की फसल
किसानों को अन्ना मवेशियों के आतंक से नहीं मिल रहा छुटकारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बहुआ (फतेहपुर)। अन्ना मवेशियों के आतंक से किसानों को छुटकारा नहीं मिल रहा है। फसलों के बचाव के इंतजाम भी नाकाफी हैं। खेतों के चारों ओर लगाए गए कटीले तार फांद कर मवेशी खेत में घुस जाते हैं। कई किसानों की हरी भरी फसल को मवेशियों के झुंड ने नष्ट कर दिया है। कस्बे के सुरेंद्र कुमार की दो बीघा गेहूं की और कमलापुर के किसान छोटू दीक्षित की डेढ़ बीघा सरसों की फसल को मवेशियों ने अपना चारा बना डाला।
किसानों ने अन्ना मवेशियों से फसल बचाने के लिए खेत में कंटीली तार लगा रखी है। उसको भी पार कर अन्ना मवेशी खेत के अंदर घुस जाते हैं। सर्दी के मौसम में किसानों को रातभर खेत में रहना पड़ता है। ब्लाक क्षेत्र के शाह, चक काजीपुर, समदाबाद, अयाह, मोहनपुर, रसूलपुर, खटौली के ग्रामीण अन्ना मवेशियों से परेशान हैं। खेत में तार खींचने के लिए लगाए गए सीसी व लकड़ी के खंभों का धक्का देकर गिरा देते हैं। फिर उसी जगह से खेत के अंदर घुस जाते हैं। कई किसानों के खेत की हरीभरी गेहूं और सरसों की फसल को चर कर नष्ट कर चुके हैं। बहुआ कस्बा के निवासी सुरेंद्र कुमार की दो बीघा गेहूं की फसल को अन्ना मवेशियों ने अपना चारा बना डाला। अब खेत में गेहूं की पौध के डंठल खड़े हैं। कमलापुर गांव के किसान छोटू दीक्षित न डेढ़ बीघा सरसों की फसल बोई थी। अन्ना मवेशियों ने सरसों की फसल के खेत में डेरा बना लिया है। शाम होते ही उसी खेत में अन्ना मवेशी बैठ जाते हैं। किसान का कहना है कि रात में रखवाली करते हैं, लेकिन जिस छोर में रहते हैं। उसके दूसरे छोर से आकर मवेशी खेत में बैठ जाते हैं। कुछ फसल अन्ना मवेशियों का चारा बन गई और कुछ उनके बैठने में नष्ट हो गई।