फतेहपुर। आलू की खेती करने वाले किसान इस बार खुश हैं। वह अपनी दशा बदलने की आस लगाए हैं। मंडी में 1100 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू बिक रहा है। यह लगातार तीन साल के भाव से दोगुना है। होली में अभी दाम चढ़ने की उम्मीद है। शीतगृहों में भंडारण की बजाय इस बार किसान मंडी में आलू भेज रहे हैं।
जिले में करीब नौ हजार हेक्टेयर में किसानों ने आलू के फसल की बोआई की है। इस समय पिछैती आलू के फसल की खुदाई का समय चल रहा है। जो किसान आलू की खुदाई करा रहे हैं, वह कोल्ड स्टोरेज न ले जाकर सीधे मंडी भेज रहे हैं। इसकी वजह यह है कि पिछले तीन साल में इस समय आलू 400 से 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकता था। स्टोर में भंडारण के बाद भी किसानों को आलू का अपेक्षित भाव नहीं मिला। स्टोर भंडारण का 220 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किराया भी किसानों को देना पड़ा था। यही वजह है कि दाम चढ़ा देख किसान इस बार मंडी की ओर ही रुख कर रहे हैं।
इस बार पिछले साल के घाटा की भरपाई होने की उम्मीद
35- औरेई गांव के किसान बचोले बाबा का कहना है कि पिछले साल 10 हजार बोरी आलू स्टोर में भंडारण किया था। बाद में 600 से 800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू को बेचना पड़ा। साथ ही स्टोर का भाड़ा, पल्लेदारी, वाहन भाड़ा अलग से खर्च हुआ था। इस बार आलू में पिछले साल के घाटा की भरपाई होने की उम्मीद है।
36- औरेई गांव के किसान दीपक कुमार शुक्ला का कहना है कि तीन साल से आलू की फसल में घाटा हो रहा है। इस बार अभी मंडी में भाव ठीक चल रहे हैं। खाद, बीज का रुपय उधार है। उसकी अदा करने के लिए मंडी में आलू बेचने की मजबूरी है। किसान क्रेडिट कार्ड के रुपया को भी जमा करना है।