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एक सप्ताह में मिलेगी परमिट और फिटनेस की डुप्लीकेट प्रति

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फतेहपुर। एआरटीओ दफ्तर से संबंधित अब किसी भी काम के लिए किसी माध्यम को पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एआरटीओ कार्यालय से जुड़ी पांच तरह की सेवाओं को एक सप्ताह की समयबद्धता के दायरे में ला दिया गया है। अब एआरटीओ कार्यालय आवेदन के एक सप्ताह के अंदर सारे काम करके देगा।
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जनहित गारंटी कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। जिसके तहत अब वाहनों के फिटनेस, परमिट, आर.सी., ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के पंजीकरण जैसे कामों को एक सप्ताह की निर्धारित अवधि में करके देना होगा। किसी भी व्यक्ति के आवेदन करते ही दिनों की गणना शुरू हो जाएगी और हर हाल में एक सप्ताह के अंदर एआरटीओ कार्यालय को संबंधित काम करके देना होगा। किसी भी कारण से यदि फिटनेस, परमिट, आर.सी., ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के पंजीकरण के डुप्लीकेट नहीं बन पा रहे हैं तो एआरटीओ दफ्तर को उसका कारण स्पष्ट करना होगा।
अभी तक इन कामों के लिए आवेदकों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार काम की अधिकता के कारण डुप्लीकेट प्रपत्रों के आवेदन पूरे होने में महीनेभर का वक्त भी लग जाता था। अब इस प्रक्रिया से आमजन को राहन मिल गई है। एआरटीओ प्रशासन अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि जनपद में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है और फिटनेस, परमिट, आर.सी., ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के पंजीकरण के डुप्लीकेट हम एक सप्ताह की समय सीमा में दे देते हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही कुछ अन्य सेवाएं भी आमजन के लिए जनहित गारंटी कार्यक्रम में शामिल कर ली जाएंगी और समयबद्धता पर उनके काम पूरे किए जाएंगे।
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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब नियम एकदम पासपोर्ट की तर्ज पर सख्त किए जा रहे हैं। अभी तक लर्निंग डीएल के लिए आवेदन करने के बाद एक निर्धारित टाइम स्लाट आवेदक को दिया जाता था। जिसमें वह अपनी सुविधा के अनुसार जाकर डीएल की परीक्षा दे सकता था। इस निर्धारित टाइम स्लाट में न पहुंच पाने की दशा में आवेदक एआरटीओ से मदद लेकर समय अपनी सुविधा के अनुसार ले लेते थे। अब इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब आवेदक को एक निर्धारित तारीख दी जाएगी और उसी निश्चित अवधि में आवेदक को एआरटीओ कार्यालय पहुंचना होगा। यह ठीक उसी प्रकार होगा जैसे पासपोर्ट आवेदन करने वालों को एक निर्धारित समय देकर कार्यालय बुलाया जाता है और आवेदक को उसी समय और दिनांक में पहुंचना होता है। एआरटीओ अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि यह व्यवस्था भी जनपद में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है।
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