खजुहा (फतेहपुर)। शौचक्रिया को जंगल जा रही महिला सोमवार सुबह एलटी लाइन के दो दिन से टूटे पड़े तार के करंट की चपेट में आ गई। मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन से तार टूटा पड़ा था। पहले आपूर्ति बंद कराई थी। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से लाइन जोड़े बगैर आपूर्ति शुरू कर दी गई। इस वजह से हादसा हुआ है। उधर, घटना ने घर-घर शौचालय के दावों ने भी सरकार की पोल खोल दी है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी श्रीकृष्ण की पत्नी सुनैना (32) सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगल शौचक्रिया को जा रही थी। रास्ते में शिवबालक के नलकूप को जाने वाली एलटी लाइन का तार टूटा पड़ा था। उसी तार की चपेट में आ गई। हादसा देखकर खेत से लौट रही महिलाओं ने परिजनों को सूचना दी। गांव के लोगों की भीड़ गई। महिला की झुलस कर मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। पुलिस ने समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
परिजनों ने बताया कि उनके परिवार को शौचालय नहीं मिला। शौचालय होता तो शायद ऐसा नहीं होता। प्रधान विमल कुमार ने बताया कि पीड़ित के दरवाजे पर मंदिर है। इसी वजह से पीड़ित परिवार ने शौचालय लेने से मना कर दिया था। बकेवर उपकेंद्र के जेई गुलाब ने बताया कि लाइन रात को टूटी है। दो दिन पहले तार टूटा होता तो आपूर्ति बाधित रहती। विभाग को परेशानी झेलनी पड़ती। महिला टूटे तार को हाथ से हटा रही थी। चौकी इंचार्ज बीबी सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने दो दिन से तार टूटने की वजह से गुस्से में थे। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।