फतेहपुर। बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों को निजी नलकूप लगाने का सामान मिला ही नहीं है। बिजली का बिल आना शुरू हो गया है। उपकेंद्र की टीम बकाया वसूलने के लिए पहुंची तो किसानों को जानकारी हुई। विभाग से मिलने वाले सामान को भूलकर किसानों को अब बिजली का बिल जमा करने की चिंता सता रही है।
बहुआ ब्लाक के दहेली गांव निवासी रामभजन साहू का कहना है कि सामान्य योजना में निजी नलकूप का कनेक्शन कराए हैं। बिजली बिल के बढ़ाए जाने और फसलों का बाजार में सही दाम न मिलने की वजह से बचत नहीं हो पाती है। अब तो लगता है कि बिजली के कनेक्शन कटाना पड़ेगा और किराए पर सिंचाई करना सस्ता
पड़ेगा। 40 हजार रुपये बिजली का बिल हो गया है। शाह कस्बा निवासी नरसिंह का कहना है कि सामान्य योजना में नलकूप का कनेक्शन लिए हैं। बिजली विभाग से सामान छह महीना पहले मिला है और बिजली का बिल 24 हजार रुपये हो गया है। विभाग ने छह महीना पहले सामान दिया और एक साल पहले से नलकूप का बिल चालू कर दिया है। उसको सही कराने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। थरियांव क्षेत्र के किसान रामेश्वर साहू का कहना है कि दो महीना पहले नलकूप के कनेक्शन का बिजली बिल चालू कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस महीना ऑनलाइन बिल देखा तो 25 हजार रुपये दिखा रहा है। उपकेंद्र में जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि एक साल पहले से बिजली बिल जुड़ा हुआ है।
वर्जन
अधिशासी अभियंता मेघ सिंह का कहना है कि जिन किसानों ने बिजली कनेक्शन लेने के विभाग से रसीद कटाई है। उनको विभाग से किसी वजह से सामान नहीं मिल सका और बाजार से सामान खरीद कर नलकूप चला लिया गया है उनके बोरिंग प्रमाण पत्र के आधार पर किसानों के बिजली बिल चालू करा दिए गए हैं। जिसको शिकायत है वह कार्यालय आकर अपने बिजली बिल के बारे में समझ सकता है।