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सेना की दौड़ से 3643 युवक बाहर

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फतेहपुर। सेना रैली के नौवें दिन भी बड़ी संख्या में प्रतिभागी युवाओं को नाकामयाबी मिली। भर्ती रैली में कन्नौज जिले के छिबरामऊ तहसील के सिर्फ 367 अभ्यर्थी ही सफल हो सके। रैली का हिस्सा बने 3643 युवाओं को पहले चरण की परीक्षा में ही पीएसी मैदान छोड़ना पड़ गया। 2703 युवाओं ने हिस्सा नहीं लिया। इस प्रकार से इस प्रक्रिया को जीतने का प्रतिशत सवा नौ फीसदी भी नहीं पहुंच सका।
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बारहवीं पीएसी मैदान में पिछले रविवार से चल रही सेना रैली में सोमवार को 4010 युवा सामने आए। जबकि 6713 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। सेना की पहली परीक्षा में ही बड़ी संख्या में युवाओं को हताशा हाथ लगी। कई युवा, बेहतर दौड़ने के बावजूद सेना की दौड़ लायक नहीं माने से जा सके। इस प्रक्रिया को निकालने वाली तादाद भी दस फीसदी के अंदर रह गई। महज 9.152 प्रतिशत युवा ही दौड़ निकालने में कामयाब हो सके। तमाम युवा, ऐन वक्त पर दौड़ से बाहर हो गए क्योंकि वह खुद को भीड़ में संभाल नहीं पाए। जिसका खामियाजा उन्हें पीएसी मैदान को छोड़कर चुकाते देखा गया।
बारहवीं पीएसी में चल रही सेना भर्ती के 10 वें दिन लखनऊ जिले और कानपुर देहात जिले के युवाओं की भर्ती होगी। जिसमें लखनऊ के मनीहाबाद, बक्सी का तालाब, लखनऊ और महराजगंज के युवा हिस्सा लेंगे। जबकि कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील के युवा शामिल रहेंगे। इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कराने वाली तादाद 6959 है।
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इधर, कागजी प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज की पड़ताल में जो कुछ भी अब तक सामने आया है। वह, सैन्य प्रक्रिया को सकते में लाने वाला है। सेना के अफसर पहले तो इस मामले में नरम रहे लेकिन अब वह इस पर नरमी के मूड में नहीं। यही वजह रही कि सोमवार को चल रही स्टेप वाइज चयन प्रक्रिया पर निगाहें टिकानें वाले सेना के अफसरों के फोकस में वह राउटी भी रही। जिसमें कागजी दस्तावेज खंगाले जा रहे थे।
सेना भर्ती में बड़ी संख्या में कागजी हेराफेरी चल रही है। ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा है जब कोई न कोई अभ्यर्थी इस गुनाह का भागीदार के रूप में सामने न आ रहा हो। सोमवार को कई ऐसे चेहरे सामने आए। हरदोई जिले एक अभ्यर्थी ने सेना में भर्ती होने के लिए निवास प्रमाण पत्र में हेर फेर किया। प्रमाण पत्रों की जांच में गड़बड़ी का पता चला।
दरअसल, एक सामान्य निवास प्रमाण पत्र हरदोई जिले का बना था तो दूसरा कन्नौज का। हरदोई वाले प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 31-1-2018 दर्ज है। जबकि कन्नौज के पते पर बने प्रमाण पत्र में यह तारीख 30-12-2019 है।पड़ताल में यह अभ्यर्थी घेरे में आ गया। मार्कशीट मेें इस तरह के झोल हर रोज का हिस्सा बनकर रह गए हैं। कर्नल आशुतोष मेहता ने बताया कि गड़बड़ी पकड़े जाने पर अभ्यर्थी को चेतावनी देकर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
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