फतेहपुर। ललौली थाना क्षेत्र के ओती गांव के एक युवक की हत्याकांड के मामले में दो साल बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामले को खत्म कर दिया। पुलिस अधीक्षक से गुरुवार को परिजनों की ओर से शिकायत की गई है। अभी फाइनल रिपोर्ट सीओ दफ्तर में रुकी है। जिसे कोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं। कोर्ट से पीड़ित पक्ष दोबारा विवेचना कराने की मांग करेगा।
ललौली थाना क्षेत्र के ओती गांव निवासी जय सिंह के बेटे कुलदीप सिंह का पांच नवंबर 2018 को गांव के रास्ते पर शव बरामद हुआ था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर गांव के बद्री विशाल और उसके भाइयों चुन्नू, ननकवा व बेटे झल्लर सिंह, ज्वाला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्याकांड में कार्रवाई न होने पर पीड़ित पक्ष ने हाइकोर्ट से गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट में तत्कालीन विवेचक ने हत्याकांड में झल्लर सिंह की भूमिका होने की जानकारी दी थी। उसके बाद भी थाने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने झल्लर के खिलाफ मिले साक्ष्यों के बारे में
जानने की कोशिश की। पुलिस ने आरटीआई में भी कोई जवाब नहीं दिया। उच्चाधिकारियों की शिकायत पर जांच क्राइम ब्रांच इंवेस्टीगेशन विंग को पहुंची। निरीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी और सर्विलांस सेल प्रभारी संजीव कटियार की संयुक्त टीम में जांच लगाई गई। एक बार टीम गांव स्तर पर जांच को पहुंची। परिवार के एक महिला के बयान लेकर लौट आई थी। पीड़ित जय सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने 28 दिसंबर 2018 को खेत बेचा था। उसके
दूसरे दिन विवेचना ललौली से हटकर अपराध शाखा को स्थानांतरित की गई थी। कई बार सीओ और विवेचकों के चक्कर काटे। उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। टीम को खेत बेचने की आरोपियों ने आठ लाख की रकम सौपी है। इसी वजह से 12 जनवरी 2019 को केस में विवेचक संजीव कटियार ने एफआर लगा दी। जिसका मैसेज बीस
जनवरी को उनको मिला। एफआर का मैसेज देखकर उनके होश उड़ गए। मामले की जांच गैरजनपद की पुलिस टीम से कराई जाए। विवेचक संजीव कटियार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य न मिलने के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है। घटना की सुरागकसी की जा रही है। साक्ष्य मिलने पर जांच दोबारा शुरू होगी। एएसपी चक्रेश मिश्रा ने पीड़ित की शिकायत पर फाइनल रिपोर्ट सीओ कार्यालय से मंगवाई है। एएसपी ने बताया कि रिपोर्ट कोर्ट भेजी जाएगी। कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई होगी।