औंग (फतेहपुर)। शादी से इनकार करने पर आग लगा लेने वाली किशोरी की कानपुर हैलट में रविवार रात लगभग ढाई बजे मौत हो गई। वह पांच दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष करती रही। पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से शव गांव लाया गया। पुलिस की मौजूदगी में शिवराजपुर के उसरहा का पुरवा गंगा घाट पर शव को दफना दिया गया।
थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी का गांव के ही एक लड़के से प्रेम प्रसंग था। आठ जनवरी को दोनों को साथ में परिजनों ने पकड़ा। इसके बाद पंचायत हुई। पंचायत में पहले तो दोनों परिवार शादी करने के लिए तैयार हो गए, लेकिन बाद में पलट गए। शादी से करने से आहत किशोरी ने 15 जनवरी की भोर गांव के बाहर भाई की
झोपड़ी में केरोसिन डालकर खुद को आग ली थी। वह 90 फीसदी झुलस गई थी। पुलिस ने किशोरी को कानपुर हैलट में भर्ती कराया था। यहां से पुलिस ने जाकर उसका बयान भी लिया। सोमवार सुबह औंग पुुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। किशोरी का शव लेकर अपराह्न करीब चार बजे उसके गांव पहुंची। 30 मिनट में तैयारी कर उसी एंबुलेंस के आगे औंग पुलिस और पीछे बकेवर पुलिस शव लेकर उसरहापुरवा गंगा घाट पहुंची। परिजन व ग्रामीण भी साथ थे। घाट में पुलिस ने पहले से ही गड्ढा तैयार कर रखा था। यहां शव दफना दिया गया। गांव में अभी भी पुलिस बल तैनात है।
पुलिस ने मामले में छह लोगों को विभिन्न धाराओं में आरोपी बनाते हुई रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के ही दिन प्रेमी और उसके पिता, बाबा और मां को जेल भेज दिया गया था। आरोपी के दोनों चाचा फरार हैं। उनके घर ताला लटक रहा है। पुलिस का कहना है कि दबिश दे रही है। मिलते ही उन्हें भी जेल भेजा जाएगा।
थानाध्यक्ष राकेश मौर्या ने बताया कि पीड़िता की मौत होने से रिपोर्ट की धाराओं में बदलाव होगा। छात्रा की मौत पंचायत में हुए फैसले का परिणाम है या नहीं, इसकी भी छानबीन हो रही है। विवेचना में पंचों की भूमिका की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।