औंग (फतेहपुर)। थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी से मुकरने पर तीन दिन पहले आग लगाकर जान देने का प्रयास करने वाली किशोरी की हालत गंभीर है। कानपुर हैलट में मौजूद भाई ने बताया कि बहन के मुंह में पानी के अलावा कुछ नहीं जा रहा है। गांव में पुलिस मौजूद है। लोगों की जुबान पर यह घटना चर्चा आम है।
आरोपियों के घर में केवल उनकी पत्नियां मौजूद हैं। घर के दरवाजे खुले थे। बहुत पूछने पर महिलाओं ने बताया कि अगर जानते कि किशोरी इतना बड़ा कदम उठा लेगी, तो पंचायत की बात दरकिनार कर शादी कर लेते। पंचों ने नाबालिग होने को कानूनी बाधा बताया था। किशोरी की जिद को देखते हुए इसी वजह से डर गए थे। बालिग होने तक शादी के लिए इंतजार करने की बात कही गई थी। पीड़िता की मां ने रोते हुए घटना की दास्तां ताजा कर दिया।
गांव में हर शख्स की जुबान पर घटना को लेकर अफसोस है। उधर, दो दिन बाद जिले से एलआईयू टीम गांव पहुंची। पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की हकीकत जानी। झोपड़ी में आग लगने के समय घरों में मौजूद पड़ोसियों से बयान लिए। पीड़ित और आरोपियों के घर जाकर पूछताछ की। घटना के नामजद कुछ आरोपी अभी तक पुलिस पकड़ से दूर हैं। थानाध्यक्ष राकेश कुमार मौर्य ने बताया आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें भेजी गई हैं। शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
थाना क्षेत्र के एक गांव की आग लगाकर जान देने का प्रयास करने वाली किशोरी का हाल जानने पूर्व शिक्षा मंत्री जनसेवक अमरजीत सिंह शुक्रवार शाम एलएलआर हैलट अस्पताल कानपुर पहुंचे। परिवार से मिलकर हाल-चाल लिया। उन्होंने परिवार से इलाज और सुविधा के बाबत पूछा। पीड़िता के भाई व परिजनों ने अस्पताल से इलाज व सुविधाओं की बात सकारात्मक बताया। जनसेवक ने फोन पर बताया कि उन्होंने बेहतर इलाज के लिए अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ से भी बात की।