फतेहपुर। गंगा कटरी क्षेत्र में शुक्रवार को मृत पाए गए तेंदुए का वन विभाग में चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। कानपुर और प्रयागराज से विशेषज्ञों को बुलाया गया था। चार घंटे तक चले पोस्टमार्टम में सिर में लाठी-डंडों के कई वार से चोट को मौत की वजह माना गया। हालांकि सीने के आसपास 35 से 40 छर्रे पाए गए।
चार वर्ष के वयस्क श्रेणी में आने वाले तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए कानपुर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ डॉ. आर.के.सिंह, जिले से डिप्टी वेटनरी अधिकारी डॉ. पीएन शुक्ला, डॉ. अंशू त्रिपाठी और डॉ. मणींद्र अवस्थी की टीम गठित हुई। इस टीम ने दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। निगरानी के लिए प्रयागराज से वन विभाग के कंजरवेटर राजीव मिश्र, अधिवक्ता अनिल मिश्र भी पहुंचे। पोस्टमार्टम की पुष्टि रेंजर आरएन सैनी ने की। उन्होंने बताया कि तेंदुए के सिर में लाठी-डंडों से कई वार किए गए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसके साथ ही उसे सीने में निशाना लगाने वाली बंदूक के 40 छर्रे भी बरामद हुए हैं। पीएम के दौरान प्रभारी डीएफओ परसिद्ध नारायन राय और खागा रेंजर सच्चिदानंद यादव भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार चिता लगाकर वन विभाग परिसर में किया गया।
फोटो 2- तेंदुए का पोस्टमार्टम करने पहुंची चिकित्सकों की टीम