फतेहपुर। प्रदेश सरकार ने कोटेदारों की आमदनी बढ़ाने के लिए राशन की दुकानों का विस्तार करने का निर्णय लिया है। अब कोटेदार सरकारी दुकान को किराना की दुकान की तरह से संचालित कर सकेंगे। यहां से लोग अच्छी क्वालिटी का सामान खरीद सकेंगे। इसके लिए पूर्ति विभाग ने कोटेदारों को दुकान का विस्तार करने की संस्तुति दे दी है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ग्रामीण अंचलों के राशन की दुकानों में बिस्किट, साबुन, तेल, नमकीन समेत रोजमर्रा का सामान बेचने की योजना का खाका तैयार कर लिया है। कोटेदार अब गेहूं, चावल की बिक्री तक सीमित नहीं रहेंगे। सरकारी राशन के साथ दुकान में बिस्किट, साबुन, तेल, नमकीन, नमक, शैंपू, दाल और अन्य
घरेलू सामग्री रख सकेंगे। इसमें राज्य सरकार का एक रुपए खर्च नहीं है। कोटेदारों को अपने पास से रुपया लगाकर दुकान खोलनी होगी। दुकान की सामग्री सीधे उत्पादकों से माल राशन दुकान तक पहुंचाने का काम करेंगे। पूर्ति विभाग उत्पादकों से सस्ती दरों पर अच्छी गुणवत्ता के सामान बल्क में खरीदकर राशन दुकानों को उपलब्ध
कराएगी। उत्पादकों से सीधे राशन की दुकानों में सामान की सप्लाई होगी। इसमें बिचौलियों की भूमिका नहीं रहेगी। इसका फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। ग्रामीण अंचलों में अक्सर नकली माल की सप्लाई बहुतायत में होती है।
नकली माल की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं रहती। इस योजना से कई तरह के फायदे लोगों को मिल सकते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि कोटेदारों की आमदनी बढ़ाने के लिए राशन की दुकानों का विस्तार किया गया है। कोटेदार एफएसआई मार्का का सामान राशन की दुकानों में रख सकेंगे। यहां को कोई भी व्यक्ति सामान खरीद सकता है।