खागा। तहसील क्षेत्र के 205 राजकीय नलकूप में 78 राजकीय नलकूप बिजली व यांत्रिक दोष से बंद पड़े हैं। अब यहां के किसान बारिश व किराये की सिंचाई पर निर्भर हैं। नलकूपों को सही कराने के लिए किसान सीएम पोर्टल में शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
प्रदेश सरकार भले ही राजकीय नलकूप व नहर की सिंचाई फ्री कर दी हो लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जो राजकीय नलकूप खराब हो गए हैं। उनको सही कराने में विभागीय अधिकारी अनदेखी किए हैं। किसान धमेंद्र तिवारी, महेशचंद्र, मान सिंह, मोहन सिंह, रामप्रताप, जाकिर हुसैन ने बताया कि जो नलकूप खराब हो जाते हैं। उनको अधिकारी सही नहीं कराते हैं। इसकी शिकायत भी मुख्यमंत्री पोर्टल में की गई, लेकिन सुनवाई नहीं
हो सकी है। एसडीओ वीरेंद्र कुमार उपाध्याय का कहना है कि कर्मचारियों की कर्मी से नलकूपों की मरम्मत समय पर नहीं हो पाती है। जो नलकूप बिजली विभाग की कमी से बंद है। उनको भी बिजली विभाग के अधिकारी नहीं सही कराते हैं। नलकूप खंड के वर्कशाप में आठ मिस्त्री की जगह सिर्फ दो मिस्त्री हैं।