फतेहपुर। बांदा-टांडा हाईवे पर जिला कारागार के पास ट्रक खराब होने से करीब छह घंटे तक जाम लगा रहा। बांदा, महोबा से मौरंग, गिट्टी लाने वाले ट्रक नउवाबाग से राधानगर तक खड़े रहे। शहर के कई स्कूली वाहन भी बच्चों को लेकर स्कूल नहीं पहुंच सके। सुबह साढ़े दस बजे जब ट्रक हटा तो वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।
जिला कारागार के पास एक मौरंग लदा ट्रक देर रात लगभग साढ़े तीन बजे गड्ढायुक्त सड़क में खराब हो गया। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया। बांदा, महोबा से गिट्टी, मौरंग लेकर आ रहे और लेने जाने वाले वाहन फंसते चले गए। इन वाहनों के जाम से सुबह स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। जिले के कई प्रमुख स्कूल
बांदा-टांडा मार्ग के आसपास हैं। इनके स्कूली वाहन बांदा-टांडा मार्ग से होकर शहर के अंदर आते हैं। सुबह छह बजे तो स्कूलों से किसी तरह निकल आए लेकिन बाद में बच्चों को लेकर वाहन स्कूल नहीं पहुंच सके। जाम में स्कूली वाहन फंसे रहे। राधानगर से नउवाबाग हाईवे तक करीब पांच किमी ट्रकों की लाइन लगी रही। बता दें कि
ढकौली, राधानगर, जयराम नगर से लेकर नउवाबाग तक करीब आठ किमी सड़क गड्ढों में बदल गई है। सड़क में तालाबनुमा गड्ढे हो गए हैं। इनमें रोज कहीं न कहीं ट्रक फंस जाते हैं। इससे जाम लगा रहता है।
बांदा-टांडा मार्ग का नवनिर्मित बाईपास एक साल से बंद है। एनएचएआई ने डेढ़ साल पहले बाईपास में वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया था। शहर की नउवाबाग-राधानगर मार्ग को पीडब्लूडी के सुपुर्द कर दिया था। पीडब्लूडी
के सुपुर्द होने के छह महीना बाद ही बाईपास में तकनीकी खराबी होने की वजह बताकर वाहनों के वहां आवागमन पर रोक लगा दी गई। तब से भारी वाहनों का आवागमन शहर के अंदर से हो रहा है। नवनिर्मित बाईपास
का लाभ न तो शहरवासियों को मिल रहा है और न ही वाहन चालकों को। पहले की तरह ही जाम के झाम से लोगों को जूझना पड़ रहा है।