फतेहपुर। कन्नौज में महिला लेखपालों के साथ अभद्रता और मारपीट के विरोध में सदर, खागा, बिंदकी तहसीलों में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार किया। तहसील मुख्यालयों में लेखपालों ने धरना देकर आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी, कन्नौज के डीएम और एसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में शुक्रवार से आंदोलन को और पैना बनाने की चेतावनी दी गई है।
लेखपालों ने कहा कि कन्नौज में आरोपी अधिवक्ताओं को प्रशासन का सहयोग प्राप्त है। यही कारण में न्याय की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने वाले लेखपालों पर वकील कहर बरपा रहे हैं। इसके बाद भी कन्नौैज प्रशासन आरोपी अधिवक्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ज्ञापन में दोषी अधिवक्ताओं की प्रैक्टिस पर रोक
लगाने, लेखपालों के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट निरस्त करने, डीएम, आत्मरक्षा के लिए लेखपालों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने की भी मांग की गई है। धरने में तहसील अध्यक्ष रामनरेश निषाद, राजाराम, वीरेंद्र सिंह, सूर्यबली, चिंतारमण पांडेय, भोला प्रसाद, कल्पना देवी, क्षत्रपाल गुप्ता, अनवर हुसैन सिद्दीकी, रामसिंह, अशोक कुमार तिवारी, कंधईलाल आदि मौजूद थे। खागा प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों पर जानलेवा हमले की घटना के विरोध में गुरुवार को दूसरे दिन भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि मांगे पूरी न होने
तक आंदोलन जारी रहेगा । इस मौके पर दिनेश सिंह, आशोक कुमार सिंह, रामसिंह, आशाराम, शिवकुमार सिंह, सपना शर्मा, पवन सिंह, गिरीश चंद्र, संगीता, कुलदीप सिंह आदि लेखपाल मौजूद थे। बिंदकी तहसील परिसर में नारेबाजी की और कहा कि अभी तो यह हड़ताल तीन दिन की है, यदि मांग पूरी नहीं हुई तो यह बेमियादी हो जाएगी। तहसील के सभागार कक्ष में सभी लेखपाल एकत्र हुए। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रामसेवक यादव ने अगुवाई की। इस मौके पर वीरेंद्र कुमार सिंह, सूर्यपाल, धर्मपाल, अनुराग वाजपेयी, सुनील कुमार, रामकरन, अजीत पटेल, दयासागर पांडेय आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
नहीं हो पा रहे इन तरह के काम-
- आय व जाति प्रमाण पत्र बनाने का काम रुका
- विवादित मामलों की पैमाइश व निपटारा रुका
- वरासत के आवेदनों पर कार्रवाई रुकी
- किसान क्रेडिट तो ऑनलाइन आवेदन हो रहा लेकिन उसके लिए खसरा देने का काम लेखपाल के जिम्मे होने से वह काम रुका
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों व किसानों के नुकसान का सर्वे कार्य रुका