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राज्यपाल का आगमन आज, निरीक्षण कल

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फतेहपुर। सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार को जनपद मुख्यालय पहुंच रही हैं। वह कानपुर देहात से अपना निरीक्षण समाप्त कर शाम साढ़े छह बजे यहां शहर में दाखिल होंगी। चौफेरवा के पास लखनऊ रोड स्थित पावर ग्रिड के गेस्ट हाउस में सड़क मार्ग से पहुंचेंगी। यहीं रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन शुक्रवार को उनका निरीक्षण और समीक्षा का कार्यक्रम शुरू होगा।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शुक्रवार सुबह नौ बजे थरियांव स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद 9:20 पर वह खागा कस्बे के समीप स्थित हसनपुर अकोढ़िया गांव पहुंचेंगी। यहां वह जैविक तरीके से फूलों खेती करने वाले किसान रमेश सिंह से मिलेंगी और उनके खेतों को भी देखेंगी। यहां से राज्यपाल वापस सवा बारह बजे वापस पावर ग्रिड गेस्ट हाउस लौटेंगी और यहीं दोपहर का भोजन ग्रहण करेंगी और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और प्रगतिशील किसानों से भी मिलेंगी। इसके बाद दोपहर 01:45 बजे से 2:00 बजे तक विकास भवन के सभागर में सरकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक करेंगी। इसके बाद राज्यपाल सामाजिक संस्थाओं के साथ बैठक करेंगी। शाम को 6:20 बजे पर वह हेलीकाप्टर से लखनऊ राजभवन के लिए रवाना होंगी। हेलीपैड शांतीनगर स्थित ठा. युगराज सिंह महाविद्यालय में बनाया गया है।
लगाए गए मजिस्ट्रेट
फतेहपुर। बिंदकी एसडीएम प्रमोद झा को संपूर्ण कार्यक्रम की रूट व्यवस्था, पावरग्रिड गेस्ट हाउस में एसडीएम डीपी सिंह को स्टेटिक मजिस्टे्रट, गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था की जिम्मेदारी तहसीलदार सदर विदुषी सिंह को दी गई है। हेलीपैड में जिम्मेदारी तहसीलदार न्यायिक चंद्रशेखर को और हेलीपैड में मजिस्ट्रियल ड्यूटी एसडीएम विजय शंकर तिवारी को दी गई है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में एसडीएम प्रहलाद सिंह और अकोढिय़ा में किसान रमेश सिंह घर तक की व्यवस्था की जिम्मेदारी खागा एसडीएम विनय कुमार गुप्ता को दी गई है। राज्यपाल के पूरे कार्यक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जिम्मेदारी पैक्सफेड के सहायक अभियंता अभिषेक को दी गई है।
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शहर की सड़कों का हुआ पैचवर्क
फतेहपुर। शहर की सड़कों की मरम्मत के नाम पर बजट का रोना रोने वाले राज्यपाल के आगमन पर अचानक से मालामाल हो गए। शहर के पटेल नगर चौराहे पर एक साल से अधिक समय से खस्ताहाल पड़ी सड़क का तुरंत रंगरोगन शुरू हो गया। राज्यपाल का काफिला कहीं इस ओर ना मुड़ पड़े लिहाजा एहतियात बरतने के लिहाज से लोक निर्माण विभाग ने डामर डलवाकर सड़क को काला कर दिया।
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राजभवन तक पहुंची रमेश की बगिया की महक
- जैविक खाद से करते हैं खेती व बागवानी
अमर उजाला ब्यूरो
खागा। मैनें तो अपने और अपने जैसे किसान भाइयों को आधुनिक खेती व बागवानी करने के तरीके बताने और उन्हें अधिक से अधिक लाभ हो इसके लिए जीतोड़ मेहनत की। इसका फल भी मिला। करीब 20 बीघे से अधिक परिसर में जैविक खाद से बागवानी खेती जैविक खाद निर्माण कर रहा हूं। मेरे इन फूलों की महक एक दिन गर्वनर हाउस तक पहुंचेगी, यह नहीं सोचा था। जब से खबर मिली है कि मेरे खेत देखने के लिए राज्यपाल खुद आ रही हैं, यह सपने जैसा लग रहा है। यह बातें बुधवार को हसनपुर अकोढिय़ा गांव के प्रगतिशील किसान रमेश सिंह ने कहीं।
रमेश सिंह के दरवाजे पहुंचने से पहले ही यहां उनकी बनाई गई एक ग्रीन वैली का अहसास होने लगता है। घर के ठीक सामने करीब दो बीघे में गुलाब की खेती है। घर के आसपास ग्लैडियोलस, गेंदा सहित कई प्रजाति के फूलों की अच्छीखासी नर्सरी है। जिसे देखते ही आंखे ठहर जाती है। घर के ठीक पीछे उन्होंने जैविक खाद बनाने के लिए पक्के गडढे बना रखें हैं। जिनमें केचुओं की मदद से जैविक खाद तैयार होती है। रमेश फूलों के साथ ही आलू, धनिया, मिर्च, टमाटर, धान पैदा करते हैं। फसलों की खेती के लिए वह सीड डिल पद्धति का प्रयोग करते हैं। उन्होंने अपने घर के पास बेल, अमरूद, केला, बांस के पेड़ भी लगा रखे है। वन संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर घर के पीछे शीशम, सागौन, यूके लिप्टस के पेड़ लगाए हैं। जल संरक्षण के लिए घर के पीछे बडा तालाब भी बना हुआ है। रमेश की इसी छोटी सी दुनिया को देखने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आ रही हैं।
इनसेट
खाद बनाते व बिक्री भी करते हैं
रमेश सिंह ने पहले गोबर गैस, उसके बाद नाडेप जो जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया है और अब वर्मी कंपोस्ट खाद से वह खेती व बागवानी कर रहे है। रमेश जैविक खाद बनाने के लिए बरेली से जयगोपाल नामक केचुएं की प्रजाति खरीदकर लाते हैं और जैविक खाद का निर्माण करते है। वह यह खाद खुद के प्रयोग के साथ ही दूसरे किसानों को बिक्री करते हैं और उन्हें भी जैविक खाद बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
इनसेट-
अफसरों ने देखी बागवानी
बुधवार को डीएम, एडीएम, पीडी, एसडीएम, सीओ, डीपीआरओ और बीडीओ समेत महकमे के सभी अधिकारी रमेश की बागवानी देखने के लिए उसके घर पहुंचे। बागवानी, खेती, जल संचयन पर्यावरण संरक्षण, जंगल को देखने के बाद उन्होंने रमेश सिंह की मेहनत को सराहा।
अकोढ़िया का कर दिया गया कायाकल्प
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मामले जनता से जुड़े हों तो अधिकारियों को हल करने में सालों बीत जाते हैं। बात जब अपने पे आती है तो सालों के मसले मिनटों में हल होते हैं। हसनपुर अकोढ़िया में इसी की बानगी देखने को मिली। गांव के जिस रास्ते के निर्माण को लेकर सालों से विवाद चल रहा था। प्रशासन ने उसका फैसला दस मिनट में कर दिया और तुरंत रास्ता बनवा भी दिया।
राज्यपाल को रमेश की खेती देखने के लिए उसके घर तक जाना है। मुख्य हाईवे से रमेश के घर की दूरी तकरीबन डेढ़ सौ मीटर है, जिसका रास्ता बेहद जर्जर है। रास्ते निर्माण में गांव के कुछ लोगों का कहना है कि उनकी निजी जमीन आ रही है। जिसकी वजह से यहां रास्ता नहीं बन पा रहा था। अब जब राज्यपाल को इसी रास्ते से गुजरना है तो प्रशासन ने आनन-फानन में सारे विवादों को दरकिनार करते हुए रास्ता बनवा दिया। सफाई कर्मियों की फौज लगाकर पूरे गांव की सफाई की गई और बिजली की लटकती जर्जर तारों को भी दुरुस्त कर दिया गया। ग्रामीणों का भी कहना था कि जब किसी बड़े हाकिम को आना होता है तो अधिकारियों के पास वक्त भी निकल आता है और काम भी हो जाता है। उसी काम के लिए प्रार्थना देते-देते ग्रामीणों की एडियां घिस जाती हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता।
चमकाया गया कस्तूरबा विद्यालय
थरियांव। राज्यपाल के आगमन की तैयारियों को लेकर कस्तूरबा गांधी विद्यालय की इमारत और उसके परिसर को दिनभर में चमकाने में पूरी मशीनरी डटी रही। बीडीओ हंसवा और जिला प्रशासन की सख्ती से सफाई कर्मियों और श्रमिकों की टीम को विद्यालय में लगा दिया गया और टीम ने दिनभर में विद्यालय परिसर में उगी झाड़ियों को साफ कर दिया।
जिला अस्पताल में बनाया गया सेफ वार्ड
फतेहपुर। राज्यपाल आनंदी बेन के आगमन को लेकर स्वास्थ्य महकमा भी चौकन्ना है। ट्रामा सेंटर में सेफ वार्ड बनाया गया है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. प्रभाकर ने जिला अस्पताल में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वार्डों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही शौचालय में सफाई के निर्देश दिए। इसके बाद सेफ वार्ड का निरीक्षण किया। बताया कि सेफ वार्ड में आक्सीजन सिलेंडर, बीपी मशीन, पल्स आक्सीमीटर, डिफिवलेटर मशीन की व्यवस्था रहेगी। वार्ड में डाक्टर, फार्मासिस्ट और नर्स की ड्यूटी लगाई गई है। राज्यपाल के जनपद आगमन को लेकर जिला अस्पताल में फूलों के गमले आदि लगाए गए हैं।
डीएम ने तय की नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी
फतेहपुर। डीएम ने अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नोडल नियुक्त कर दिया है। डीएम ने राज्यपाल के रास्ते में पड़ने वाले हाईवे के हिस्से में मरम्मतीकरण, महत्वपूर्ण स्थानों के बोर्ड, गति सीमा संबंधी बोर्ड और स्पीड ब्रेकर के लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक को नोडल बनाया है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी विद्यालय और किसान रमेश के घर और बागवन तक की सफाई के लिए डीपीआरओ, कृषि क्षेत्र में किए गए अच्छे कामों के प्रस्तुतीकरण के लिए उप कृषि निदेशक, कस्तूरबा गांधी विद्यालय में होने वाले कार्यक्रमों के लिए बीएसए, विकास भवन में समीक्षा संबंधित कार्यों के लिए पीडी डीआरडीए, समीक्षा के दौरान विकास भवन में आयोजित प्रदर्शनी के लिए उपायुक्त आजीविका मिशन और जिला कृषि अधिकारी, सीएमओ एवं जिला क्षय रोग अधिकारी को स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
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